Tuesday, 3 November 2015

कमल हसन नहीं लोटायेंगे अपना सम्मान

देश में सहिष्णुता और असहिष्णुता की इस बहस के बीच एक और जाना माना चेहरा शामिल हो गया है। अभिनेता कमल हासन ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सम्मान वापस करने से कुछ नहीं होगा। मैं अपना सम्मान वापस नहीं करूंगा।
कमल हासन ने कहा कि अपनी बात रखने के और भी तरीके हैं। उन्होंने कहा कि 1947 से ही देश में असहिष्णुता है और इसी वजह से भारत का विभाजन हुआ था। हर पांच साल में असहिष्णुता पर बहस होनी चाहिए और इस पर रोक लगनी चाहिए।  बकौल कमल हासन, मैं अपने सम्मान नहीं लौटाऊंगा। सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए कुछ लोग ऐसा कर रहे हैं। इससे कुछ नहीं होगा। उल्टा आप सम्मान लौटाकर सरकार और उन प्रशंसकों का अपना करेंगे, जिनके प्यार के चलते आप यहां तक हैं।
गौरतलब है कि देश में बिगड़ते माहौल के नाम पर पहले साहित्यकारों और फिर फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियों ने सम्मान लौटाए हैं।
सोमवार को ही बॉलीवुड के सुपर स्टार शाहरुख खान ने अपने 50वें जन्मदिन पर कहा था कि देश में अत्यंत असहिष्णुता का माहौल है। प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर यदि पुरस्कार लौटाने की नौबत आई तो उसमें संकोच नहीं होगा, लेकिन लगता है, ऐसा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

बढ़ती असहिष्णुता पर फिल्मकारों, वैज्ञानिकों, लेखकों द्वारा अवॉर्ड लौटाने पर अपनी बात रखते हुए शाहरुख ने यह बात कही। शाहरुख कई अन्य पुरस्कारों के अलावा पद्मश्री से नवाजे जा चुके हैं।

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