एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि अलकाय
दा
के भारतीय उपमहाद्वीप शाखा की भारत में अभी तक कोई गहरी जडे़ं नहीं हैं।
इसके लिए उसे लश्कर ए तैयबा या फिर इंडियन मुजाहिदीन से मदद की दरकार होगी।
सूत्रों ने बताया कि इसके लिए दोनों ही आतंकी संगठनों को आईएसआई से अनुमति लेनी होगी। एक उच्च स्रोत ने बताया कि फिलहाल अलकायदा की मदद करने में आईएसआई को कोई समस्या नहीं होगी क्योंकि वह आसानी से आतंकी संगठन के किसी भी हमले से खुद को अलग कर सकता है।
खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, आईएस की आलोचना करने के बाद अलकायदा के भारतीय उपमहाद्वीप शाखा को अफगानिस्तान और पाकिस्तान आधारित अंसार उल तावहिद फी बिलाद अल हिंद से कोई मदद नहीं मिलेगी क्योंकि पिछले साल इसने आईएस से हमदर्दी जताई थी। कुछ साल पहले अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान क्ष्ोत्र के जिहादियों और पाक में रियाज और इकबाल भटकल के नेतृत्व के खिलाफ बगावत करने वाले इंडियन मुजाहिदीन के सदस्यों ने इंडियन मुजाहिदीन की शाखा अंसार को बनाया था।
अलकायदा के भारतीय उपमहाद्वीप शाखा को सिमी से भी मदद मिलने की कम ही उम्मीद है क्योंकि ऐसा लगता है कि आईएस पहले ही उसे अपने पाले में कर लिया है। गौरतलब है कि सिमी के सदस्य अदनान हसन को हाल ही में दुबई में आईएस की गतिविधियों में शामिल होने के कारण पकड़ा गया था।
सूत्रों ने बताया कि इसके लिए दोनों ही आतंकी संगठनों को आईएसआई से अनुमति लेनी होगी। एक उच्च स्रोत ने बताया कि फिलहाल अलकायदा की मदद करने में आईएसआई को कोई समस्या नहीं होगी क्योंकि वह आसानी से आतंकी संगठन के किसी भी हमले से खुद को अलग कर सकता है।
खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, आईएस की आलोचना करने के बाद अलकायदा के भारतीय उपमहाद्वीप शाखा को अफगानिस्तान और पाकिस्तान आधारित अंसार उल तावहिद फी बिलाद अल हिंद से कोई मदद नहीं मिलेगी क्योंकि पिछले साल इसने आईएस से हमदर्दी जताई थी। कुछ साल पहले अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान क्ष्ोत्र के जिहादियों और पाक में रियाज और इकबाल भटकल के नेतृत्व के खिलाफ बगावत करने वाले इंडियन मुजाहिदीन के सदस्यों ने इंडियन मुजाहिदीन की शाखा अंसार को बनाया था।
अलकायदा के भारतीय उपमहाद्वीप शाखा को सिमी से भी मदद मिलने की कम ही उम्मीद है क्योंकि ऐसा लगता है कि आईएस पहले ही उसे अपने पाले में कर लिया है। गौरतलब है कि सिमी के सदस्य अदनान हसन को हाल ही में दुबई में आईएस की गतिविधियों में शामिल होने के कारण पकड़ा गया था।
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