Saturday, 28 November 2015

पूरी कहानी: 'उड़ान' देखकर संगीता कालिया के मन में आया था आईपीएस बनने का ख्वाब

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हरिय़ाणा के फतेहाबाद जिले में शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और फतेहाबाद की एसपी संगीता कालिया के बीच हुई बहस के बाद मामला हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर तक जा पहुंचा है. इस घटना के बाद साल 2009 बैच की आईपीएस संगीता कालिया चर्चा में आ गई हैं. आपका चैनल एबीपी न्यूज बता रहा है संगीता कालिया की पूरी कहानी.
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 साल 1989 में दूरदर्शन पर आने वाले सीरियल उड़ान की ये तस्वीरें संगीता कालिया कि जिंदगी से क्या नाता रखती हैं ये बताने से पहले देख लीजिए वो तस्वीरें जिसने हरियाणा के फतेहाबाद जिले की तेजतर्रार एसपी संगीता कालिया को चर्चा में ला दिया है. हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और एसपी संगीता कालिया के बीच हुई इस गर्म बहस के बाद अनिल विज तो कार्यक्रम छोड़कर चले गए लेकिन संगीता कालिया ने मीडिया की सुर्खियों में जगह बना ली है.
महज 9 महीने पहले ही एसपी संगीता कालिया ने हरियाणा के फतेहाबाद में एसपी की जिम्मेदारी संभाली है. एसपी की जिस कुर्सी पर संगीता कालिया की ये तस्वीर ली गई है उसकी ख्वाहिश उनके मन में बचपन से ही पलने लगी थी. वजह थी 1989 यानी 26 साल पहले दूरदर्शन पर आने वाला सीरियल उड़ान. इस सीरियल में एक ऐसी बच्ची कल्याणी की कहानी दिखाई गई थी जो अपने जिद और जुनून के बलबूते कुछ बड़ा कर गुजरने की ख्वाहिश रखती है.
 एक पूर्व महिला पुलिस अधिकारी के जीवन पर आधारित इस सीरियल ने संगीता कालिया के दिल पर गहरा असर छोड़ा. एक महिला पुलिस ऑफीसर के सामने सैल्यूट करते पुलिसवालों को देखकर संगीता ने भी आईपीएस बनने की जिद ठान ली थी.
 कुछ ऐसा ही सपना संगीता कालिया के जहन में भी पलने लगा. उन्हें अब सिर्फ आईपीएस ही नहीं बनना था बल्कि उस फतेहाबाद जिले में तैनाती भी चाहिए थी जहां पुलिस विभाग में उनके पिता धर्मपाल एक पेंटर के तौर पर काम किया करते थे. एक मामूली पेंटर के परिवार में आर्थिक दिक्कतों के बीच संगीता कालिया ने अपने सपने को मरने नहीं दिया.
  संगीता ने साल 2005 में सिविल सर्विसेज की परीक्षा दी लेकिन वो सफल नहीं हो पाईं. दूसरी कोशिश में भी उन्हें भारतीय रेल सेवा में नौकरी मिली. लेकिन उनका सपना कुछ और था. उन्होंने रेल की सर्विस ज्वाइन नहीं की. आखिरकार तीसरे मौके में उन्हें भारतीय पुलिस सेवा में जाने का मौका मिला. भिवानी की रहने वाली संगीता ने युपीएससी की परीक्षा में 651 वां रैंक प्राप्त किया.

उन्होंने हैदराबाद की सरदार वल्ल्भ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में 11 माह की ट्रेनिंग की और सेवा के लिए अपने राज्य को चुना. फतेहाबाद की एसपी का पद संभालने से पहले वे गुडगांव में डिप्टी पुलिस कमिश्नर व रेवाडी व गुडगांव में एएसपी के पद पर भी रह चुकी हैं. संगीता  साहित्या संगीत और टेनिस में दिलचस्पी रखती हैं. वे रोजाना 15 घंटे काम करती हैं. भिवानी की रहने वाली संगीता को उडान सीरियल में आईपीएस बनने वाली कल्याणी की तरह ही ईमानदार अफसर माना जाता है.

गुड़गांव में डीएसपी और फिर फतेहाबाद की एसपी के तौर पर संगीता कालिया ने कई बड़े मामले सुलझाए हैं. एटीएम फ्रॉड हो या फिर फतेहाबाद के ढिंगसाला गांव में 25 लाख की बैंक डकैती ऐसे जाने कितने कामयाब केस संगीता कालिया के पांच साल के करियर का हिस्सा बन चुके हैं. यही नहीं राहगीरी जैसे अभियान हों या फिर वृक्षारोपण जैसे सामाजिक काम हर काम संगीता के लिए अहम है. संगीता कालिया महिलाओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देने की मुहिम भी चला रही हैं.

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