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लोकसभा में सोमवार को इन्टॉलरेंस पर चर्चा शुरू हो गई।
लेकिन एक घंटे के अंदर ही जोरदार हंगामा हो गया। दरअसल, सीपीएम सांसद
मोहम्मद सलीम ने एक आर्टिकल का हवाला देते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह पर
गंभीर आरोप लगाए। सलीम ने दावा किया कि राजनाथ ने एक बार कहा था कि देश को
800 साल बाद कोई हिंदू शासक मिला है।
इस पर राजनाथ ने कहा, "आज मैं जितना आहत हुआ हूं, उतना अपने पॉलिटिकल
करियर में पहले कभी नहीं हुआ। मैंने कभी ऐसा कोई बयान नहीं दिया। ऐसा बयान
देने वाले को गृह मंत्री बने रहने का हक नहीं है।" इस मुद्दे पर जोरदार
हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित हो गई। बाद में स्पीकर
सुमित्रा महाजन ने सलीम के बयान को लोकसभा की कार्यवाही के रिकॉर्ड से
हटाने के आदेश दिए।
800 साल बाद हिंदू शासक के बयान की क्या है हकीकत?
- बताया जा रहा है कि 800 साल बाद किसी हिंदू के देश का शासक बनने का बयान दरअसल दिवंगत वीएचपी नेता अशोक सिंघल ने दिया था।
- उन्होंने पिछले साल नवंबर में दिल्ली में वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस के एक प्रोग्राम में यह बात कही थी।
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिंघल ने अपनी स्पीच में कहा था कि
दिल्ली में 800 साल बाद स्वाभिमानी हिंदू द्वारा शासन किया जा रहा है।
पृथ्वीराज चौहान के बाद एक हिंदू के हाथ में सत्ता आई है।
कौन था अंतिम हिंदू शासक?
- भारत में अंतिम हिंदू शासक के तौर पर पृथ्वीराज चौहान (राय पिथौरा) को जाना जाता है।
- राजपूत शासक पृथ्वीराज ने 1149-1192 तक चौहान वंश के राजा के रूप में शासन किया।
- अजमेर-दिल्ली समेत उत्तर भारत के बड़े हिस्से पर उनका शासन था।
- पृथ्वीराज को अंतिम आजाद हिंदू शासक माना गया।
- राजपूत शासक पृथ्वीराज ने 1149-1192 तक चौहान वंश के राजा के रूप में शासन किया।
- अजमेर-दिल्ली समेत उत्तर भारत के बड़े हिस्से पर उनका शासन था।
- पृथ्वीराज को अंतिम आजाद हिंदू शासक माना गया।
लोकसभा में पहले क्या हुआ?
- चर्चा की शुरुआत सीपीएम नेता मोहम्मद सलीम ने की। उन्होंने कहा,
"इन्टॉलरेंस आज सभी सेक्टर में है। सांस्कृतिक स्तर पर, राजनीतिक स्तर पर,
सामाजिक स्तर पर, सभी जगह इन्टॉलरेंस है। सवाल यह नहीं है कि किसी के घर
में क्या पकाया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या गरीबों को खाना मिल रहा है?"
- गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने अपोजिशन से कहा कि अगर आपको लगता है कि
देश में इन्टॉलरेंस बढ़ा है आपके हिसाब से, न कि सरकार के हिसाब से तो आप
सरकार को सुझाव दें कि हम उसके लिए क्या कर सकते हैं?
- इन्टॉलरेंस के मुद्दे पर चर्चा से पहले स्पीकर सुमित्रा महाजन ने अपील की कि सभी पार्टियां सदन में इन्टॉलरेंस न दिखाएं। एक-दूसरे की बात को शांति से सुनें और जनप्रतिनिधि होने की डयूटी निभाएं।
- इन्टॉलरेंस के मुद्दे पर चर्चा से पहले स्पीकर सुमित्रा महाजन ने अपील की कि सभी पार्टियां सदन में इन्टॉलरेंस न दिखाएं। एक-दूसरे की बात को शांति से सुनें और जनप्रतिनिधि होने की डयूटी निभाएं।
- कांग्रेस ने इन्टॉलरेंस के मुद्दे पर निंदा प्रस्ताव की मांग की।
रिजिजू ने कहा- चिदंबरम के एक बयान ने कांग्रेस की हवा निकाल दी
- चिदंबरम ने शनिवार को एक मीडिया इवेंट में कबूल किया था कि सलमान
रुश्दी की किताब सेटैनिक वर्सेस को बैन करना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव
गांधी सरकार की एक गलती थी।
- सलमान रुश्दी ने चिदंबरम के बयान के कुछ देर बाद ही ट्विटर पर
रिएक्शन देते हुए कहा कि 'द सेटैनिक वर्सेस' पर रोक गलत थी, यह मानने में
उन्हें इतना समय लगा। अब इस गलती को सुधारने में कितने साल और लगेंगे?
- इसी मुद्दे पर गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि इन्टॉलरेंस
का माहौल क्रिएट किया गया है। चर्चा से पहले चिंदबरम ने कांग्रेस की हवा
निकाल दी है। उनके बयान से यह साबित हो गया है कि कांग्रेस कितनी
इन्टॉलरेंट पार्टी थी।
इन्टॉलरेंस पर सदन में चर्चा के पहले किस नेता ने क्या कहा?
- केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी कहा कि इन्टॉलरेंस का मुद्दा क्रिएट किया गया है। हमारी टॉलरेंस एप्रोच है। हम सदन में सभी इश्यू पर चर्चा करने की इच्छा रखते हैं।
- शिवसेना के नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि सोशल और पॉलिटिकल लेवल पर कांग्रेस के जमाने में जितना इन्टॉलरेंस हुआ, उतना दुनिया में कभी नहीं हुआ है।
- कांग्रेस के नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हम एक जिम्मेदार अपोजिशन की ड्यूटी निभाएंगे।
- कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि लोकसभा में चर्चा के बाद ही हम कोई कमेंट कर सकते हैं।
संसद में हंगामेदार रहेगा ये हफ्ता
- राज्यसभा में कांग्रेस-जेडीयू ने रूल 267 के तहत कामकाज रोककर चर्चा का नोटिस दिया है। लेकिन राज्यसभा में ‘भारत के संविधान के लिए प्रतिबद्धता’ पर चर्चा होगी। एक दिन की चर्चा यहां शुक्रवार को हो चुकी है।
- लोकसभा में कांग्रेस और सीपीआईएम ने रूल 193 के तहत नोटिस दिए हैं।
इस रूल के तहत वोटिंग नहीं करायी जाती या सदन के कामकाज को सस्पेंड करने की
जरूरत नहीं होती।
- दाेनों सदनों में नोटिस इन्टॉलरेंस के मुद्दे पर डिबेट के लिए दिए गए हैं।
क्या है इन्टॉलरेंस का मुद्दा?
यूपी के दादरी में गोमांस रखने के शक में एक शख्स की हत्या हुई। इससे पहले कन्नड़ लेखक कलबुर्गी का मर्डर हुआ। इसी के बाद इन्टॉलरेंस का मुद्दा भड़का। अवॉर्ड वापसी की शुरुआत हुई। कई लेखकों, फिल्मकारों और वैज्ञानिकों ने देश में बढ़ते कथित इन्टॉलरेंस के माहौल के विरोध में पुरस्कार लौटा दिए। आमिर खान, शाहरुख खान, एआर रहमान और अरुंधति रॉय जैसी शख्सियतों ने इस मुद्दे पर बयान दिए जो विवादों में रहे।
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