Sunday, 29 November 2015

नेपाल ने 6 घंटे हिरासत में रखे 13 भारतीय जवान

केचना में आर्म्ड फोर्स के इसी कैंप में हिरासत में थे भारतीय जवान।
नेपाल-भारत के बीच तल्खी और बढ़ गई है। रविवार को हथियारों के साथ अपने देश की सीमा में घुसने के आरोप में नेपाल पुलिस ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के 13 भारतीय जवानों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, 6 घंटे बाद नेपाल पुलिस ने उन्हें छोड़ भी दिया।
इस बीच, नेपाल में 42 इंडियन चैनल बैन कर दिए गए हैं। काठमांडू के थिएटर्स में भारतीय फिल्मों के शो भी रोक दिए गए हैं।
कैसे नेपाल चले गए भारतीय जवान?
- रिपोर्ट के मुताबिक, तस्करों का पीछा करते हुए एसएसबी के 13 जवान नेपाल में दाखिल हुए थे। इन्हें पश्चिम बंगाल और किशनगंज की सीमा पर केचाना गांव से नेपाल पुलिस ने हिरासत में लिया था।
- एसएसबी के जवानों को 6 घंटे हिरासत में रखने के बाद नेपाल पुलिस ने छोड़ दिया। न्यूज एजेंसी एएनआई ने एसएसबी के आईजी (ऑपरेशंस) दीपक कुमार के हवाले से इसकी जानकारी दी।
- जवानों को केचाना में ही आर्म्ड पुलिस फोर्स कैंप में रखा गया था।
क्यों बैन किया इंडियन चैनल?

- नेपाल सरकार ने केबल टीवी ऑपरेटर्स के जरिए 42 इंडियन चैनल्स को ब्लॉक कर दिया है।
- ऑपरेटर्स के मुताबक, भारत की सीमा पर नेपाल आ रहे सामान की सप्लाई रोके जाने को लेकर देश में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी पर विरोध जताते हुए चैनल्स पर रोक लगाई गई है।
- ऑपरेटर्स ने ये कदम तब उठाया, जब पूर्व माओवादी नेताओं ने नेपाल में भारतीय फिल्मों और टीवी चैनलों के खिलाफ कैंपेन शुरू कर दिया।
- नेपाल केबल टेलीविजन एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सुधीर पाराजुली ने कहा, ''ये ब्लैकआउट अनिश्चितकाल के लिए है। भारत ने नेपाल की संप्रभुता में घुसपैठ की है। इसीलिए हमने भारतीय चैनल्स की ब्रॉडकास्टिंग बंद करने का फैसला किया।
- काठमांडू के थिएटर्स में भी दो दिनों से भारतीय फिल्में दिखानी बंद कर दी गई हैं।
नए संविधान का विरोध और नेपाल संकट

- नेपाल में सितंबर में नए संविधान के लागू होने के बाद से लगातार हिंसा जारी है।
- संविधान सभा द्वारा हिंदू राष्ट्र बनाए जाने की मांग ठुकराए जाने के बाद से ही कई हिंदू संगठन नए संविधान का विरोध कर रहे हैं।
- दक्षिणी इलाके में रहने वाले थारू और मधेसी (नेपाल में बसे हुए मूल रूप से भारतीय) जातीय समूह संविधान के खिलाफ आंदोलन कर रहा है।
- संविधान के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन में अब तक 40 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं।
- प्रदर्शनकारियों ने विरोध में भारत से आने वाले दो प्रमुख मार्गों को बंद कर रखा है, जिससे नेपाल में सामानों की सप्लाई होती है।
- नाकेबंदी को लेकर नेपाल लगातार आरोप लगाता आ रहा है कि मधेशी दलों को भारत-नेपाल की खुली सीमा पर नाकेबंदी के लिए भारत उकसा रहा है।
- नाकेबंदी के चलते नेपाल में जरूरी सामानों की सप्लाई रूकी हुई है। सैकड़ों की संख्या में सामानों से भरे ट्रक भारत-नेपाल सीमा पर खड़े हैं।

क्यों कर रहा विरोध?

> मधेसी और थारू जातीय अल्पसंख्यक नए संविधान में उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिए जाने से नाराज हैं। उनका कहना है कि बड़ी पार्टियों की साजिश के चलते वे राजनीतिक रूप से पिछड़ गए हैं।
> मधेसियों के मुताबिक, नए संविधान में उनके अधिकारों को दरकिनार किया गया है। इसी को लेकर वे आंदोलन चला रहे हैं। नेपाल में हाल ही में नया संविधान लागू किया गया है।

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