ज्योति के हसते खेलते परिवार में एक बच्चे की तमन्ना थी।
शारीरिक रूप से बिल्कुल स्वस्थ ज्योति एक छोटी सी समस्या के लिए डॉक्टर के
पास गई। ज्योति को यह उम्मीद थी कि इस समस्या का समाधान होने के बाद उसकी
गोद फिर हरी-भरी हो जाएगी। पर उसे क्या पता था कि इस करवा चौथ का चांद वह
देखने से पहले ही इस दुनिया छोड़कर चली जाएगी।
32 वर्षीय ज्योति को अनियमित माहवारी और ब्लीडिंग की प्रॉब्लम थी। उसे एक बच्चा चाहिए था। ऐसे में ज्योति को इस समस्या से निजात पाना था। परिवार वाले उसे बनी पार्स्थिक स्थित एक अस्पताल में लेकर गए। ज्योति हंसते-मुस्कुराते अस्पताल तो गई लेकिन फिर घर वापस नहीं आ पाई।
पुनीत ने बताया कि 29 अक्टूबर को बहन का ऑपरेशन होने वाला था। सब हॉस्पिटल
में ही पिज्जा मंगाकर पार्टी कर रहे थे। इस ऑपरेशन के बाद बहन की समस्या
खत्म जाती और और उसकी गोंद भर जाती। पर सभी को क्या पता था कि यह ऑपरेशन
उसकी जान ले लेगा। 28 अक्टूबर को उसकी बहन ने एक किट्टी पार्टी को भी काफी
एंजॉय किया था। वह बिल्कुल हेल्दी थी। उसकी शादी के 11 साल बाद एक बेटा हुआ
था। इसके बाद से उसको यह प्रॉब्लम थी। वह एक और बच्चा चाह रही थी।
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