Monday, 2 November 2015

कलियुग की हो गई इत्मिहां, पहली क्लास की मासूम से रेप

अस्पताल में मासूम के साथ परिजननीमकाथाना के भूदोली में पांच साल की छात्रा से ज्यादती के मामले में सामने आया कि पीड़िता दरिंदे को पहचानती है। जयपुर रेफर करते समय कपिल अस्पताल में पुलिस अधिकारियों ने पांच साल की मासूम से बात करने की कोशिश की। बच्ची छोटी है लिहाजा बहुत कुछ बताने में असमर्थ है। उसने लड़खड़ाती जुबां में पुलिस को बताया कि दरिंदे का चेहरा देखते ही पहचान लूंगी। यह भी बताया कि उसने काली शर्ट व जींस पैंट पहनी हुई थी। पुलिस इसी आधार पर दरिंदे की तलाश में जुटी है।

डीएसपी राजेंद्र बेनीवाल ने बताया कि बच्ची का कहना है घर से निकलते ही एक लड़का उसका पीछा करने लगा। पैंट का कलर सफेद जैसा बताया। इसी आधार पर घटनास्थल व पीड़िता के मकान से स्कूल के बीच पड़ने वाली जगहों पर दिनभर में जिन लोगों की आवाजाही हुई, उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने देर रात गांव के एक दर्जन संदिग्ध युवकों से पूछताछ की। इनकी उम्र औसत 20 साल है। पूछताछ स्कूल के बंद कमरे में की गई, मेडिकल ज्यूरिस्ट मौजूद रहे।

नि:शुल्क होगा पीड़िता का इलाज : एसडीएम सत्यवीर यादव ने कहा कि पीड़िता का नि:शुल्क इलाज कराया जा रहा है। दरिंदे की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस अधिकारी लगे हुए हैं। कलेक्टर व एसपी से भी मामले में बातचीत हुई है। जयपुर जेके लोन अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों की टीम बच्ची का इलाज कर रही है। पीड़ित परिवार से भी संपर्क कर मामले की जानकारी ले रहे हैं। प्राथमिक इलाज के बाद पीड़िता को सरकारी एम्बुलेंस से जयपुर भेजा गया है। उसके साथ पुलिस भी भेजी है।

इधर, सीकर की लाडो को जल्द मिलेगा इंसाफ
सीकर शहर में चार साल की बच्ची से ज्यादती मामले में कोर्ट की सुनवाई तेजी से चल रही है। लोक अभियोजक शिवरतन शर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ 12 बयान हो चुके हैं। अभी कुछ गवाहों के बयान होने बाकी हैं।
पुलिस के मुताबिक बच्ची वारदात के बाद बेहोश हो गई थी। कुछ देर बाद उसे होश आया तो वह सीधे स्कूल की तरफ पहुंची। क्योंकि स्कूल वहां से कुछ ही दूर है। चूंकि बच्चे बाहर नहीं निकल जाएं इसलिए स्कूल प्रबंधन गेट बंद कर देता है। इसलिए बच्ची 15 मिनट तक स्कूल के सामने रोती रही। इसी दौरान बाहर किसी काम से आई महिला शिक्षक ने बच्ची को देखा और संभाला। बच्ची जंगल की ओर इशारा करके गिर पड़ी। शुरुआत में स्टाफ ने समझा कि बच्ची के साथ कोई दुर्घटना हुई है। बाद में समझ आया तो अस्पताल लेकर गए। परिजनों को भी शुरुआत में दुर्घटना की बात ही बताई। इस पर परिजन सीधे अस्पताल पहुंचे और बच्ची की तलाश शुरू की। हकीकत पता चली तो मां सदमे में आ गई।

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