Tuesday, 3 November 2015

लश्कर की मीडिया कवरेज पर रोक

जमात-उद-दावा, बराक ओबामा, पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण, संयुक्त राष्ट्र (यूएन), पाकिस्तान, हाफिज सईद,Jamat-ud-Dawah, Barack Obama, Pakistan Electronic Media Regularity Authority, United Nations (UN), Pakistan, Hafiz Saeed,world news,latest news,hindi newsपाकिस्तान ने आतंकवाद पर शिकंजा कसने की कोशिश पर कार्यवाई के तौर पर आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा, जमात उद दावा और फलह ए इंसानियत फाउंडेशन के मीडिया कवरेज पर पाकिस्तान में पाबंदी लगा दी गई है और इस तरह उसने पहली बार मान लिया कि मुम्बई हमले के कथित साजिशकर्ता हाफिज सईद की अगुवाई वाला संगठन लश्कर-ए-तैयबा की शाखा है।
पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेशन अथॉरिटी(पीईएमआरए) ने इस बारे में नोटिफिकेशन जारी कर दिया। यह नोटिफिकेशन गृह मंत्रालय
के निर्देश के बाद उठाया गया। इसमें कहा गया है कि जमात उद दावा और फलह ए इंसानियत फाउंडेशन आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के ही हिस्से हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या यह कदम प्रधानमंत्री नवाज शरीफ द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति को दिए गए इस आश्वासन से संबंधित है कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामजद आतंकवादियों एवं लश्कर-ए-तैयबा समेत आतंकवादी संगठनों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्तावों के तहत अंतरराष्ट्रीय कटिबद्धताओं एवं बाध्यताओं के तहत प्रभावी कार्रवाई करेगा।
पाकिस्तान इलेक्ट्रोनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी ‘पीईएमआरए’ ने संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध के तहत सभी सेटेलाईट टीवी चैनलों और एफएम रेडियो पर लश्कर-ए-तैयबा(एलईटी), जमात-उद-दवा, फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन(एफआईएफ) के कवरेज पर पाबंदी लगाते हुए अधिसूचना जारी की।पीईएमआरए अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘जमात-उद-दवा और फलह-ए-इनसानियत फाउंडेशन लश्कर ए तैयबा की अन्य शाखाए हैं। ’’ यह पहली बार हुआ है कि पाकिस्तान सरकार के किसी विभाग ने माना है कि जेयूडी और एफआईएफ लश्कर-ए-तैयबा की अन्य शाखाए हैं।

पीईएमआरए की अधिसूचना के मुताबिक 60 प्रतिबंधित संगठन और 12 अन्य निगरानी सूची में हैं। अधिसूचना के अनुसार इन संगठनों के खिलाफ यह कार्रवाई राष्ट्रीय कार्ययोजना के तहत की गयी है।
 पीईएमआरए ने चेतावनी दी, ‘‘पाकिस्तानी सेटेलाईट टीवी चैनल और एफएम रेडियो को निर्देश का कड़ाई से पालन करना चाहिए तथा आचार संहिता का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है या लाईसेंस खत्म किया जा सकता है।’’ अथॉरिटी ने इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर सामाजिक कार्य के नाम पर धन जुटाने के लिए इन तीन संगठनों के किसी विज्ञापन को चलाने से रोक लगा दी है।

इसी बीच कुछ स्थानीय चैनलों ने पीईएमआरए अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा कि आतंरिक मंत्रालय ने उन्हें इन तीन संगठनों पर रोक लगाने का निर्देश नहीं दिया। राष्ट्रीय कार्ययोजना पेशावर आतंकवादी हमले के बाद तैयार की गई थी। इस हमले में 150 से अधिक लोग मारे गए थे। संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर, 2008 में जेयूडी को आतंकवादी संगठन और सईद को आतंकवादी घोषित किया था।
इससे पहले सितंबर में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी के बीच हुई मुलाकात के बाद जारी घोषणापत्र में लश्कर और जमात पर असरदार कार्रवाई के लिए मिलकर काम करने की बातकही गई थी। इस लिहाज से भारत के लिए यह एक कूंटनीतिक जीत है।

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