
घरेलू कामकाज के लिए खाड़ी देशों में नौकरी की तलाश करने वाले भारतीयों,
खासकर तमिलनाडु के घरेलू कामगारों को फिलहाल कुवैत में काम नहीं मिल पाएगा।
कुवैत ने आधिकारिक तौर पर भारतीय घरेलू कामगारों को प्रवेश वीजा जारी करना
रोक दिया है। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के अनुसार, कुवैत में भारत के राजदूत सुनील
जैन ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कुवैत ही एक ऐसा देश है,
जिसने भारत सरकार के उस शर्त को मानने से इनकार दिया है, जिसमें विदेशी
नियोक्ताओं खासकर खाड़ी देशों से आग्रह किया था कि किसी भारतीय घरेलू
कामगार को काम पर रखने से पूर्व 2500 डॉलर की बैंक गांरटी जरूरी होगी। जैन ने कुवैत के विदेश मंत्रालय को इस बारे में सूचित कर दिया था कि उनकी
सरकार भारत के शर्तों को पूरा करने में विफल रही है। उसमें नियोक्ताओं ने
समझौते पर हस्ताक्ष्ार करते हुए भारतीय घरेलू कामगारों को उनके अधिकारों
और सुरक्षा की गारंटी दी थी। जैन ने कहा कि घरेलू कामगारों के गैरकानूनी तरीके से कुवैत में आने के बाद
से उनलोगों ने कुवैत सरकार से वीजा जारी करने पर रोक लगाने को कहा है
क्योंकि ऐसी स्थिति में जब वे कामगार किसी समस्या में होते हैं तो उनको
ढूंढना मुश्किल होता है। उन्होंने बताया कि कुवैत नहीं चाहता है कि उसके
नागरिक बैंक गारंटी दें इसलिए उनसे वीजा जारी नहीं करने के लिए कहा गया
है।
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