इन चीटियों को रेनबो ऐंट भी कहा जाता है, जिसका मुख्य कारण है की ये जो भी खाती है खासकर जल पदार्थ के अलग अलग रंगों वाली खाने की चीज़ों से ये अपना रंग बदल लेती है।
साउथ इंडिया के जाने- माने डॉक्टर मोहम्मद बाबू ने इन चीटियों के राज़ को परखा था, उन्होंने किचन के फर्श पर पड़े दूध में देखा की चीटिया इन्हे पीकर अपना रंग सफ़ेद कर रही है। डॉक्टर का कहना है की चीटिया अक्सर हलके रंगों का सेवन करना पसंद करती है और कुछ सभी रंगों में सम्मिलित होना पसंद करती है।
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