Monday, 2 November 2015

वॉट्सएप कर रहा है आपके बच्चों को बीमार

यदि आपका बच्चा स्मार्टफोन पर ज्यादा समय बिताता है तो आप सतर्क हो जाएगी। स्मार्टफोन आपके बच्चे को मानसिक रूप से बीमार कर सकता है। खबर पठानकोट से आई हैं, जहां दो युवा वॉट्सएप पर दिन भर इतनी चैटिंग करते थे कि मानसिक रूप से वो बीमार हो गए। स्कूल में, घर में, कॉलेज में और राह चलते। एक तस्वीर आजकल जो नजर आती है। मोबाइल पर आंखें गडाए बच्चे और युवा व टकाटक टाइप करती उनकी उंगलियां।
सोशल दुनिया के गलियारे में सिमटता देश का ये वो भविष्य है, जिनमें कई इसके बाहर की दुनिया देख ही नहीं पाते। देखना तो छोडिए समझ ही नहीं पाते। खासकर वॉट्स एप जैसी एप्लीकेशंस को लेकर बच्चों में एक ऎसा जुनून देखने को मिलता है, जो इन्हें अब बीमार बना रहा है। पठानकोट के रहने वाले ये दो युवा अपना चेहरा नहीं सामने लाना चाहते। क्योंकि इस वक्त ये अपना इलाज करा रहे हैं। मनोचिकित्सक के पास। क्योंकि सोशल नेटवकिंग साइट वॉट्सएप पर चैटिंग करने में ये ऎसा गुम हुए कि बाकी चीजें गुमशुदा होने लगीं।

इसीलिए हमने भी मनोचिकित्सक से बात की। ये जानने की कोशिश करनी चाही कि आखिर क्या वजह है कि ये बच्चे सोशल नेटवकिंग एप्लीकेशंस खासकर चैटिंग बेस्ड, उनमें इतना गुम क्यों हो जाते हैं। कि उन्हें वही एप्लीकेशन बीमार तक कर रही है। गूगल की एक रिसर्च के मुताबिक जो युवा एक दिन में 11 घंटे अपने फोन पर बिताते हैं, वे रोजाना औसतन 14 सेल्फी, 16 फोटो या वीडियो लेते हैं, 21 बार सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं तथा 150 तक मैसेज टाइप करते हैं। युवाओं में इस बात की होड होती है कि कौन कितने ज्यादा स्मार्ट फोन पर कितने ज्यादा एप्लीकेशंस इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन सोशल नेटवकिंग पर यही होड आपके बच्चों को बीमार बना सकती है।

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