Thursday, 19 November 2015

'फ़्रांस पर जैविक, रासायनिक हमले का ख़तरा'

फ्रांसीसी संसद
फ्रांस के प्रधानमंत्री मैनुएल वॉल्स ने संसद में कहा है कि आतंकवादी संगठन फ़्रांस पर रासायनिक या जैविक हथियारों से हमला कर सकते हैं.
संसद में फ़्रांस में इमरजेंसी तीन महीने बढ़ाए जाने की सरकार की पेशकश पर बहस के दौरान उन्होंने ऐसा कहा.
संसद के निचले सदन ने वोट के बाद इमरजेंसी की मयाद बढ़ाने की इजाज़त दे दी है. अब शुक्रवार को संसद के ऊपरी सदन में इस मुद्दे पर चर्चा होगी.
पिछले हफ़्ते पेरिस में हुए आत्मघाती हमलों और धमाकों के बाद वहाँ आपातकाल लागू है.
इन हमलों में 129 लोग मारे गए थे और 350 घायल हुए थे.
वॉल्स ने कहा, "हर समय हमले करने और जान से मारने के नए नए तरीके सामने आ रहे हैं. जो लोग ये आदेश दे रहे हैं, उनकी विकृत सोच की कोई सीमा नहीं है. सर कलम करना, आत्मघाती बमबारी, छुरे का इस्तेमाल...आज हम किसी भी विकल्प को छोड़ नहीं सकते."
प्रधानमंत्री वॉल्स ने कहा, "मैं पूरी सतर्कता बरतते हुए कह सकता हूँ कि हमें ध्यान रखना होगा क्योंकि रासायनिक और जैविक हथियारों के इस्तेमाल का ख़तरा हमेशा बना हुआ है."
फ़्रांस ने पहले ही नर्व गैस का सामना करने और उसको बेअसर करने के लिए एट्रोपाइन सल्फ़ेट के वितरण की इजाज़त दे दी है.
पेरिस में पुलिस ने सार्वजनिक स्थलों पर बैठक करने और प्रदर्शन पर प्रतिबंध को रविवार आधी रात तक बढ़ा दिया है.
वॉल्स ने यूरोपीय देशों से आहवान किया कि वे सभी की सुरक्षा के लिए एयरलाइन यात्रियों की जानकारी साझा करे.
उधर पेरिस की पुलिस बुधवार को शहर के उत्तरी इलाक़े में हुए ऑपरेशन में मारे गए दो संदिग्ध लोगों की पहचान करने में जुटी है. इनमें से एक महिला थी जिसने आत्मघाती बेल्ट में विस्फोट किया था.
अब भी पेरिस हमलों के मास्टरमाइंड माने जाने वाले अब्देलहमीद अबाउद के बारे में अनिश्चितता बनी हुई है.

No comments:

Post a Comment