लखनऊ. सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने एक बार फिर अपने बेटे
और सीएम अखिलेश यादव को खरी-खरी सुनाई। वाकया यह हुआ कि मुलायम का भाषण चल
रहा था और अखिलेश साथी नेताओं से बात कर रहे थे। इस पर मंच पर ही मुलायम
ने अखिलेश को डांटते हुए पूछा, 'बताओ, मैं क्या कह रहा था? मैंने जो कहा वह
आपने सुना या नहीं। अगर सुना तो ठीक, नहीं सुना तो अब भी वक्त है। संभल
जाइए। आगे पंचायत चुनाव होने वाले हैं जो विधानसभा का रिहर्सल है।'
'सीएम, आपके कई मंत्री हारेंगे'
सपा सुप्रीमो ने कहा, ‘सीएम, आपके कई मंत्री इस बार हार जाएंगे। वे जनता से कटे हुए हैं। जो मंत्री आपकी नहीं सुनते उनकी रिपोर्ट मुझे दीजिए, मैं ठीक कर दूंगा। इस बार दागियों को टिकट नहीं दिया जाएगा। जो टिकट चाहते हैं वो जनता में अपनी छवि साफ रखें। मंत्री क्षेत्र में निकल कर जनता से संवाद स्थापित करें। अफसरों से उनकी समस्याएं दूर कराएं। कार्यकर्ताओं की सुनें। काफी कार्यकर्ताओं की शिकायत है कि मंत्री उनकी नहीं सुनते हैं। जो मंत्री आपकी न सुनें उसकी रिपोर्ट आप हमें दे। हम कार्रवाई करेंगे। यूपी में 56 मिनिस्टर हैं लेकिन कोई कार्यकर्ताओं से नहीं मिलता है। संगठन को मजबूत करें।'
सपा सुप्रीमो ने कहा, ‘सीएम, आपके कई मंत्री इस बार हार जाएंगे। वे जनता से कटे हुए हैं। जो मंत्री आपकी नहीं सुनते उनकी रिपोर्ट मुझे दीजिए, मैं ठीक कर दूंगा। इस बार दागियों को टिकट नहीं दिया जाएगा। जो टिकट चाहते हैं वो जनता में अपनी छवि साफ रखें। मंत्री क्षेत्र में निकल कर जनता से संवाद स्थापित करें। अफसरों से उनकी समस्याएं दूर कराएं। कार्यकर्ताओं की सुनें। काफी कार्यकर्ताओं की शिकायत है कि मंत्री उनकी नहीं सुनते हैं। जो मंत्री आपकी न सुनें उसकी रिपोर्ट आप हमें दे। हम कार्रवाई करेंगे। यूपी में 56 मिनिस्टर हैं लेकिन कोई कार्यकर्ताओं से नहीं मिलता है। संगठन को मजबूत करें।'
कहा जाता है परिवार की पार्टी
'छोटे लोहिया' जनेश्वर मिश्र के 83वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देने के बाद मुलायम सिंह यादव जब बोलने लगे तो लोकसभा चुनाव में मिली कम सीटों का दर्द भी छलका। उन्होंने कहा, 'काफी काम करने के बावजूद लोकसभा चुनाव में केवल पांच सीटें मिली। इसलिए आज लोकसभा में हमें एक परिवार की पार्टी कहा जाता है। 30 सीटें मिल गई होतीं तो गैर भाजपाई सरकार बनाने के लिए सभी दल हमारे साथ आ गए होते।'
'छोटे लोहिया' जनेश्वर मिश्र के 83वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देने के बाद मुलायम सिंह यादव जब बोलने लगे तो लोकसभा चुनाव में मिली कम सीटों का दर्द भी छलका। उन्होंने कहा, 'काफी काम करने के बावजूद लोकसभा चुनाव में केवल पांच सीटें मिली। इसलिए आज लोकसभा में हमें एक परिवार की पार्टी कहा जाता है। 30 सीटें मिल गई होतीं तो गैर भाजपाई सरकार बनाने के लिए सभी दल हमारे साथ आ गए होते।'
'कमियों को छुपाइए मत'
सपा प्रमुख ने कहा कि हार के कारणों की समीक्षा के लिए कई बार बोला, लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली। उन्होंने सीएम से कहा, ‘अभी भी वक्त है संभल जाइए, आने वाले दिनों में कई चुनाव हैं। इसलिए कमियों को छुपाने की बजाय दूर करिए।’
सपा प्रमुख ने कहा कि हार के कारणों की समीक्षा के लिए कई बार बोला, लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली। उन्होंने सीएम से कहा, ‘अभी भी वक्त है संभल जाइए, आने वाले दिनों में कई चुनाव हैं। इसलिए कमियों को छुपाने की बजाय दूर करिए।’
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