चंडीगढ़। पंजाब में छेड़खानी से परेशान होकर खुद को अाग लगाने
वाली लड़की की मंगलवार सुबह मौत हो गई। वह चंडीगढ़ के पीजीआई में भर्ती थी।
उसके भाई का कहना है कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई है। उसने कहा कि अगर
उसे इंसाफ नहीं मिला तो पूरे परिवार के साथ आत्मदाह कर लेगा।
आखिरी शब्द...
16 साल की लड़की ने भास्कर से अपना दर्द साझा करते हुए कहा था, "गांव
के लड़के मनी खांडेवाड, मनी, स्वर्ण और गुरप्यार मेरे भाई से नाराज थे। उसी
का बदला लेने के लिए वे मुझे छेड़ने लगे। करीब महीने भर से ऐसा चल रहा था।
मैंने घर पर नहीं बताया, क्योंकि मुझे पता था पिता स्कूल छुड़वा देंगे। 4
अगस्त को मैं बस में चढ़ रही थी तो मनी ने मुझे खींचकर नीचे उतार लिया। मेरे
कपड़े फाड़ दिए और थप्पड़ मारे। मैं यह बेइज्जती सहन नहीं कर सकी, इसलिए तेल
डालकर खुद को आग लगा ली। मैं जानती हूं, मेरा बचना मुश्किल है। मुझे इस
हालत में पहुंचाने वाले बड़े आदमी हैं। लेकिन मेरी विनती है कि मेरे साथ ऐसी
हरकत करने वालों को सख्त सजा मिले।"
पूरा परिवार कर लेगा आत्मदाह
लड़की के भाई जसगीर सिंह जग्गी का कहना है कि आरोपियों के पुलिस से
अच्छे संबंध है और अगर इंसाफ नहीं मिला तो पूरा परिवार आत्मदाह करेगा।
भास्कर की पहल पर दर्ज हो सका था बयान
संगरूर के गांव कालबंजारा के दलित परिवार की यह बेटी डॉक्टर बनने का
सपना देखा करती थी। वह 10वीं में पढ़ती थी। 4 अगस्त को स्कूल से लौटते
वक्त छेड़छाड़ के बाद उसने घर पहुंच कर खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग
लगा ली थी। उसे 80 फीसदी झुलसी हालत में पीजीआई चंडीगढ़ लाया गया था। पांच
दिन तक पुलिस बयान दर्ज करने से बचती रही। उसके भाई ने पुलिस पर मामले को
सीरियसली नहीं लेने और आरोपियों से सांठगांठ करने का आरोप लगाया। दैनिक
भास्कर ने इस बारे में आला अफसरों को बताया तो पुलिस ने पीजीआई पहुंच कर
लड़की का बयान दर्ज किया।
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