मंदिर में दान के सवाल और देश के 3 नामी धर्मगुरुओं (बाबा रामदेव, श्रीश्री रविशंकर और स्वामी अग्निवेश) की राय पर dainikbhaskar.com
के एक लाख 20 हजार रीडर्स ने कमेंट्स दिए हैं। इन कमेंट्स में हर दूसरा
रीडर मंदिर में दान के खिलाफ नजर आ रहा है। दिलचस्प है कि एक लाख से ज्यादा
रीडर्स की प्रतिक्रिया dainikbhaskar.com की उस एक्सक्लूसिव खबर पर
आई है, जिसमें मंदिरों से जुड़ी 9 हजार से ज्यादा पेज की अलग-अलग रिपोर्ट
की स्टडी की गई। इसमें से देश के 4 बड़े मंदिरों में आपके दान के इस्तेमाल
के बारे में कई खुलासे किए गए। ये सभी रिपोर्ट्स भास्कर के पास मौजूद है।
हर दूसरा रीडर मंदिर में दान के खिलाफ, 15% ने मंदिर को आधार बना सभी धर्मों पर किया कमेंट-
- 65% से ज्यादा रीडर्स ने मंदिर में दान न करने की अपील की है। इन पैसों को जरूरतमंदों पर खर्च करने के अलग-अलग तरीके भी बताए हैं।
- 18% से ज्यादा रीडर्स मंदिर में दान ना देने को भगवान के अपमान से जोड़ रहे हैं।
- करीब 15% रीडर्स ने मंदिर को आधार बना सभी धर्मों पर कमेंट किए हैं।
- बचे हुए 2% कमेंट्स में विषय से हटकर या अन्य तरह की प्रतिक्रिया आई है।
1.70 लाख रीडर्स ने मंदिर से जुड़ी हमारी स्पेशल रिपोर्ट को पसंद करते
हुए इसे एफबी पर लाइक किया है। इनमें से 36 हजार रीडर्स ने अपने-अपने एफबी
पेज पर इसे शेयर भी किया है।
नीचे पढ़ें, 1.20 लाख रीडर्स की प्रतिक्रिया में से चुनिंदा कमेंट्स...
द्वारिका यादव पब्लिक
ही बेवकूफ है, क्या करे, भगवान को चढ़ावे की जरूरत नहीं इंसान को है । ये
बात अलग है कि सभी अपनी अपनी श्रद्धा है लेकिन मंदिर में चढ़ाव न देकर किसी
जरुरतमंद की सहायता करे भगवन उस चढ़ावे से ज्यादा किसी की मदद करने पर खुश
होंगे।
ssd
मंदिर - भगवन के नाम पर, धर्म की आड़ में साधु संत ऐश कर रहे हे. पैसा -
मॉल कम रहे हे . अय्यशी करते हे . सब नाटक - नौटंकी हे . गरीब -जरूरत मंद
की मदत करो , आप का भला होगा
Akhilesh Kumar Yadav
मदिंरो में थोड़ा चढ़ावा {दान} तो जरुरी हैं। पर बहुत ज्यादा चढ़ावा किसी
भी दृष्टि से ठीक नहीं हैं। यदि दान ही करना हैं तो अनाथ, असहाय, बिमारी से
जूझते हुए किसी गरीब,बेजुबान पशु , पंछी,को दान करके देखिए आपकी आत्मा को
बहुत शांति मिलेगी, आपको बहुत आशीर्वाद मिलेगा ।
Sonu Khera
अब जनता को जगाने का कोई फायदा नही, अब तो शायद भगवान् खुद नीचे आ कर अपने
अंध भक़तो को कहे की भक़तो अपनी अपनी आँखों से अंध भक्ति की पट्टी उतार दो
और आस्था अपने अपने दिलो में रखो तब शायद ये पट्टी उतर जाए और भक्त जाग जाए
ashok kumar
वैसे तो जो गलत है वो गलत है, लेकिन अग्निवेश, रामदेव व रविशंकर समाज के
क्या ठेकेदार हैं, क्या ये लोग समाज के लोगों के पैसे से मौज नहीं उड़ा रहे
हैं | सब जानते हैं इन्हें | अग्निवेश का चरित्र अन्ना के अनशन के समय पता
चल गया था, रामदेव को रुरकी हरिद्वार वाले सब जानते हैं |
Pradhanji
भगवान को रिश्वत देने की मंशा यही होती है की जितना दिया उस से बहुत
ज्यादा का फायदा हो जाय. गरीब के पास रिश्वत देने के लिए कुछ भी नहीं होता
इसी लिए हमेशा गरीब ही रहता है . वैसे गलती से भी कोई गरीब इन प्रसिद्ध
मंदिरो में चला जाये तो मंदिर के पण्डे इनको भगवान का डर दिखा कर जेब में
बच खुचा भी लूट लेता है. हर धर्म का आदमी अज्ञात शक्ति से डरता है.
Ramdeo Mahto
हम इनके फैन हैं , पर यहाँ सहमत नहीं हैं। दान सुखी लोग करते हैं । ऐसे
नेक कार्यो के लिए प्रोत्साहन की आवश्यकता है न कि बंद करने की। हां सरकार
का इस धन पर नियंत्रण हो , बिशेष निगरानी कमेटियों के द्वारा। कमीटी में
सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश, पीएम , लोक सभा मे बिपक्ष के
नेता, लोक सभा के स्पीकर, संबंधित राज्यों के हाईकोर्ट के न्यायाधीश,
संबंधित राज्यों के सीएम , मंदिर से संबंधित कोई एक व्यक्ति इत्यादि। यह
सम्पत्ति भारत सरकार का हो। इसे जरूरत मंदों के वेलफेयर , गरीब बच्चों की
शिक्षा जैसे कामों में लगाने चाहिए । कडकी के दिनो में देश के भी काम आएगा।
Manoj Khurana
भारत के रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने 2008 के अमेरिकी अर्थव्यवस्था
के संकट की भविष्यवाणी 2005 में ही कर दी थी। उनकी ताज़ा भविष्यवाणी है कि
अमेरिका उससे भी बड़े संकट की ओर अग्रसर है। यदि यह भविष्यवाणी सत्य हुई तो
अमेरिका समस्त विश्व को ले डूबेगा। डॉलर आदि सभी कर्रेंसी की नैया डूब
जायेगी। मेरा मानना है कि ऐसे में विश्व पुनः स्वर्ण केंद्रित अर्थव्यवस्था
की ओर आएगा। और यदि ऐसा हुआ तो इस बदले परिप्रेक्ष्य में विश्व की आर्थिक
महाशक्ति कौन होगा .... ??? यह मंदिर ही भारत को महाशक्ति बनाएंगे।
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