आगरा. टीम इंडिया के वनडे कैप्टन एमएस धोनी सोमवार को भी
पैराजंपिंग नहीं कर सके, क्योंकि उनका ग्राउंड टेस्ट अधूरा रह गया था।
हालांकि वो 40 फीट की ऊंचाई से कूदकर शाम तक इस टेस्ट को पास कर सकते हैं।
इसके बाद उन्हें हरक्यूलिस विमान से पैराशूट के जरिए कूदने का मौका
मिलेगा। उनके बैच के कई जवानों ने सोमवार को सुबह छह बजे छलांग लगाई।
मलपुरा इलाके में स्थित ड्रॉपिंग ग्राउंड में धोनी को देखने के लिए युवाओं
की भीड़ जुटी थी। आर्मी के जूनियर अधिकारियों के परिवार वाले भी यहां पहुंच
गए थे। सभी को उम्मीद थी कि धोनी छलांग लगाएंगे, लेकिन फैंस के साथ-साथ
उन्हें भी निराशा हाथ लगी।
एयरफोर्स सूत्रों के अनुसार, ये ग्राउंड टेस्ट एमएस धोनी के धैर्य की
परीक्षा है। यदि कूदने के दौरान उनकी हार्टबीट ज्यादा निकली तो उन्हें
और प्रैक्टिस की सलाह दी जाएगी। उनके बैच के कई जवानों ने ये टेस्ट पास कर
लिया है। अब वो मंगलवार या बुधवार को हरक्यूलिस विमान से छलांग लगाएंगे।
खास पैराशूट से लगाएंगे धोनी छलांग
धोनी की छलांग 1200 फुट की ऊंचाई से होगी। जिस पैराशूट को पहनकर वो
छलांग लगाएंगे उसे स्टैटिक लाइन पैराशूट कहा जाता है। इस पैराशूट को खोलने
की जरूरत नहीं पड़ती है। विमान से छलांग लगाते ही पैराशूट से जुड़ा धागा
हवा के दबाव में टूट जाता है और पैराशूट खुल जाता है। इसके बाद 50 सेकेंड
में धोनी जमीन पर आ जाएंगे। धोनी के पास एक और पैराशूट होगा, जो छाती पर
बंधा होगा। पहला पैराशूट न खुलने की स्थिति में इसे खेलना होता है। विमान
से एक बार में 24 जवान छलांग लगाते हैं। इसके बाद फिर से विमान हवा में
चक्कर लगाता है और तब फिर से इतने ही जवान पैराशूट के साथ छलांग लगा देते
हैं।
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