Tuesday, 11 August 2015

नावेद को पकड़ने वालों को शौर्य चक्र देने की सिफारिश, पुलिस में नौकरी भी मिलेगी

नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर से जिंदा गिरफ्तार किए गए आतंकी नावेद से पूछताछ करने NIA (नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी) चीफ शरद कुमार बुधवार को जम्मू पहुचेंगे। शरद कुमार जम्मू पहुंचकर आतंकी नावेद से पूछताछ करने वाली टीम की अगुआई करेंगे और खुद भी नावेद से पूछताछ करेंगे। उधर, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नावेद को पकड़ने में अहम रोल निभाने वाले विक्रमजीत और राकेश कुमार को शौर्य चक्र से सम्मानित करने की सिफारिश की है। इन्हें पुलिस में नौकरी भी दी जाएगी।
राज्य पुलिस ने दोनों को पुलिस में भर्ती किए जाने के लिए अप्वाइंटमेंट ऑर्डर भी जारी कर दिया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीआईजी के.राजेंद्र कुमार के मुताबिक, राकेश कुमार शर्मा को चिर्दी इलाके में सीधे कॉन्स्टेबल अप्वाइंट किया जाएगा। इसके अलावा, पुलिस हेडक्वार्टर से इस बात की सिफारिश की गई है कि राकेश के साले विक्रमजीत को भी मिनिमम एजुकेशन की सीमा में छूट देते हुए जम्मू के नानक नगर इलाके में ही पुलिस में नौकरी दी जाए। बता दें कि राकेश और विक्रमजीत ने अपनी जान की परवाह न करते हुए बिना किसी हथियार के आतंकी को धर दबोचा था।
क्या होता है शौर्य चक्र
शौर्य चक्र देश में शांति के वक्त दिया जाने वाला वीरता पदक है। यह सम्मान सैनिकों और आम नागरिकों को असाधारण बहादुरी या बलिदान के लिए दिया जाता है। यह पुरस्कार मरणोपरान्त भी दिया जा सकता है। शौर्य चक्र तांबे का बना गोलाकार मेडल होता है। मेडल के बीच में अशोक चक्र बना होता है जिसके चारों तरफ कमल के फूल गोलाकर क्रम में लगे रहते हैं।
सुबह सात बजे खुला कोर्ट
नावेद को जम्मू की कोर्ट ने मंगलवार को 14 दिन की रिमांड पर एनआईए को सौंप दिया। इसके लिए एनआईए की ओर से सुबह सात बजे कोर्ट खोले जाने की दरख्वास्त की गई थी। नावेद पर आतंकियों द्वारा हमला करने की आशंका के मद्देनजर यह रिक्वेस्ट की गई, जिसे कोर्ट ने मान लिया।
गौरतलब है कि बीते बुधवार को दो आतंकियों ने उधमपुर में बीएसएफ के काफिले को निशाना बनाने की कोशिश की थी। इसमें बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए, जबकि एक आतंकी मारा गया। नावेद को जिंदा पकड़ने में कामयाबी मिली। पुलिस पूछताछ में नावेद ने खुद को पाकिस्तान के फैसलाबाद शहर का रहने वाला बताया था।
पाक और लश्कर कनेक्शन के सबूत जुटाए जाएंगे
कुमार के मुताबिक, आतंकी से पूछताछ के दौरान इस हमले में लश्कर -ए तैयबा और पाकिस्तान के हाथ होने से जुड़े सबूत जुटाए जाएंगे। नावेद से उस बिजनेसमैन के बारे में भी जानकारी ली जाएगी जिसने इन आतंकियों के हैंडलर को 5 लाख रुपए दिए थे और लोगों की हत्या करने के लिए उकसाया था। नावेद ने बताया था कि 2-2 के ग्रुप में 6 साथी भारत में दाखिल हुए हैं। एनआईए यह भी जानने की कोशिश करेगी कि वे आतंकी फिलहाल भारत में कहां छिपे हुए हैं? उन्हें कहां हमला करना है?
दिल्ली भी लाया जा सकता है नावेद
सूत्रों के मुताबिक, एनआईए आगे की पूछताछ के लिए आतंकी नावेद को दिल्ली ला सकती है। वहीं, पूछताछ के लिए अगर मुनासिब लगा तो उसकी रिमांड को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। यह मामला पिछले हफ्ते एनआईए को सौंपा गया है। एनआईए ने नावेद के खिलाफ देश के खिलाफ जंग छेड़ने, गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन के मामले में केस दर्ज किया है।
तेजी से बयान बदल रहा नावेद
एनआईए के सूत्रों ने बताया कि अब तक की पूछताछ के दौरान नावेद बड़ी तेजी से अपने बयान बदलता रहा है। वह भारत में घुसने के बारे में पूछे जाने पर चार अलग-अलग रूट्स के बारे में बता चुका है। नावेद ने पाकिस्तान में दो आतंकी गुटों से ट्रेनिंग लेने की बात कबूली है। नावेद पूछताछ में जमाद-उद-दावा के चीफ हाफिज सईद के बेटे तल्हा हाफिज से मिलने की बात भी कबूल चुका है। नावेद अपने बयान से जिस तरह के कन्फ्यूजन पैदा कर रहा है, वह लश्कर की आतंकी ट्रेनिंग का हिस्सा है।

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