चेन्नई
संसदीय
मामलों के मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कांग्रेस सांसदों के निलंबन और
ललितगेट मुद्दे को लेकर संसद की कार्यवाही में बाधा पहुंचाने के लिए
कांग्रेस और वामदलों की तीखी आलोचना की है।
उन्होंने
कहा कि विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करना चाहते हैं।
नायडू ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष में सरकार
की बढ़ रही लोकप्रियता से कांग्रेस बौखला गई है।
उन्होंने
कहा कि भाजपा सरकार के एक वर्ष के शासन में देश की छवि और साख
अंतरराष्ट्रीय दायरे को लांघ रही है, निवेशक आ रहे हैं और अर्थव्यवस्था
पटरी पर है। सामाजिक सुरक्षा योजना समेत अन्य बहुत सारी विकास एवं
कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं। आर्थिक विकास दर उच्चतम स्तर पर है और
अर्थशास्त्री कह रहे हैं कि यही स्थिति रही तो हम चीन को पीछे छोड़ सकते
हैं।
मैं
समझता हूं कि वे (विपक्ष) नहीं चाहते कि नरेंद्र मोदी सरकार सफलता की राह
पर चले और एक अच्छा नाम और मुकाम हासिल करे। इसलिए उनका सारा ध्यान पार्टी
और सरकार की छवि खराब करने में लगा हुआ है। ।
नायडू
ने आगे कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार ने सत्ता में आने के
बाद नकारात्मक अथवा बदले की राजनीति नहीं की, हमारा ध्यान विकास पर
केंद्रित है। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या सभापति ने सदन की
प्रतिष्ठा को सुनिश्चित करने के लिये सांसदों का निलंबन करके अपने अधिकारों
का दुरुपयोग किया है?
क्या
बड़ी संख्या में ऐसे निलंबन पुर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के
कार्यकाल में नहीं हुये हैं? उन्होंने कहा कि संसद चलाने की जिम्मेदारी
सरकार की होती है और यह सरकार अपनी जिम्मेदारी बखूबी जानती है।
नायडू
ने कहा कि सरकार उन कुछ दलों के अतार्किक और अप्रमाणित मांगों पर ध्यान
नहीं दे सकती जो अपने राजनीतिक स्वार्थ और पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत
संसद को बाधित रखना चाहते हैं।
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