चेन्नई. करप्शन के आरोप से घिरे पूर्व टेलिकॉम मंत्री दयानिधि
मारन को मद्रास हाईकोर्ट ने तीन दिनों में सीबीआई के सामने सरेंडर करने का
आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने मारन के एंटिसिपेटरी बेल (अग्रिम जमानत) को भी
रद्द कर दिया। सीबीआई ने मारन को मिली बेल का यह कहते हुए विरोध किया था कि
वे जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
घर में टेलिफोन एक्सचेंज लगाने का आरोप
डीएमके नेता पर सीबीआई ने आरोप लगाया है कि उन्होंने गैरकानूनी तरीके से चेन्नई में मौजूद अपने घर में टेलिफोन एक्सचेंज बनवाया था। सीबीआई के मुताबिक मारन बड़ी तादाद में डेटा ट्रांसफर करने वाले सैकड़ों केबल का इस्तेमाल कर सन टीवी को फायदा पहुंचा रहे थे। दयानिधि के भाई कलानिधि मारन सन टीवी के मालिक हैं। जुलाई में दयानिधि से दिल्ली में सीबीआई ने पूछताछ की थी।
डीएमके नेता पर सीबीआई ने आरोप लगाया है कि उन्होंने गैरकानूनी तरीके से चेन्नई में मौजूद अपने घर में टेलिफोन एक्सचेंज बनवाया था। सीबीआई के मुताबिक मारन बड़ी तादाद में डेटा ट्रांसफर करने वाले सैकड़ों केबल का इस्तेमाल कर सन टीवी को फायदा पहुंचा रहे थे। दयानिधि के भाई कलानिधि मारन सन टीवी के मालिक हैं। जुलाई में दयानिधि से दिल्ली में सीबीआई ने पूछताछ की थी।
2007 में दयानिधि की जगह डीएमके के ही नेता ए राजा को टेलिकॉम मंत्री बनाया गया था। जिन पर 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले का आरोप लगा।
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