मुंबई: ग्लोबल बाजारों से मिलें खराब संकेतों ने सोमवार को
घरेलू शेयर बाजारों में कोहराम मचा दिया। तेज गिरावट के साथ खुले घरेलू
शेयर बाजार भारी गिरावट साथ बंद हुए। बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का
बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 1625 अंक की भारी गिरावट के साथ 25,700 के
मनोवैज्ञानिक लेवल को तोड़कर 25,741.56 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक
एक्सचेंज(एनएसई) का निफ्टी 491 अंक गिरकर 7809 पर बंद हुआ। चीन का बाजार 8
फीसदी से ज्यादा टूटकर बंद हुआ। वहीं जापान, ताइवान और हांगकांग के बाजारों
में 5 फीसदी तक की गिरावट आई है। इसके कारण घरेलू बाजार टूटे हैं।
पूरे कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 6 फीसदी की
गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट भारतीय शेयर बाजार के इतिहास की तीसरी सबसे
बड़ी इंट्राडे गिरावट है। रियल्टी, बैंकिंग, मेटल, इंफ्रा और एनर्जी
सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है। यह 6 से 11 फीसदी
तक टूट गए हैं। इससे पहले जनवरी 2008 में सेंसेक्स 2272 और 2062 अंक की दो
सबसे बड़ी गिरावट देख चुका है।
इन्वेस्टर्स के 7 लाख करोड़ से अधिक डूबे
स्टॉक मार्केट में हुए फ्लैश क्रैश से इन्वेस्टर्स के 7 लाख करोड़
रुपए से अधिक डूब गए। इन्वेस्टर की वेल्थ का आकलन सभी लिस्टिेड स्टॉक
की कुल वैल्यूएशन के आधार पर किया जाता है। बीएसई के बेंचमार्क इंडेक्स
में यह साढ़े साल साल की सबसे बड़ी गिरावट है।
वित्त मंत्री ने दिया भरोसा- हमारे मार्केट मजबूत
घरेलू शेयर बाजारों में आई तेज गिरावट के बीच वित्त मंत्री अरुण
जेटली ने कहा है कि हमारे मार्केट मजबूत और हमारी राजकोषीय स्थिति अच्छी
है। मार्केट में गिरावट के लिए कोई भी घरेलू कारण जिम्मेदार नहीं है।
जेटली ने इन्वेस्टर्स को भरोसा दिया है कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं
है।
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