Friday, 9 October 2015

अपने रिश्तेदारों के साथ PM से नहीं मिलेंगी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होने वाली नेताजी सुभाषचंद्र बोस की फैमिली की मीटिंग में नेताजी की बेटी अनीता बोस फॉफ नहीं शामिल होंगी। नेताजी की बेटी अनीता बोस फाफ ने बर्लिन में बताया कि अभी उनका इस मीटिंग में आने का कोई प्लान नहीं है। गौरतलब है कि पीएम के साथ नेताजी की फैमिली के 35 मेंबर्स की यह मुलाकात अगले हफ्ते 14 अक्टूबर को दिल्ली में होनी है।
सर्दियों में भारत आएंगी अनीता
अनीता बोस फॉफ ने साफ किया कि वे अपने पहले से तय प्रोग्राम के मुताबिक, सर्दियों में भारत आएंगी। अनीता ने बताया कि उन्होंने सर्दियों में होने वाली अपनी भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी से मुलाकात करने की इच्छा जताई थी। इंडियन एंबेसी ने भी उन्हें बताया था कि पीएम भी उनसे मिलने की इच्छा रखते हैं। इसके बाद उन्होंने सर्दियों में भारत आने का कार्यक्रम तय किया है।
पीएम से मिलेंगे नेताजी के 35 रिश्तेदार
नेताजी के 35 रिश्तेदार और उनसे जुड़े लोग दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी से यह मांग की जाएगी कि नेताजी से जुड़ी सभी फाइलों को सार्वजनिक किया जाए। गौरतलब है कि पीएम के साथ होने वाली नेताजी के रिश्तेदारों की इस मीटिंग में नेताजी की बेटी ही नहीं, उनके भतीजे शिशिर बोस की पत्नी और पूर्व सांसद कृष्णा बोस भी शामिल नहीं होंगी। बताया जा रहा है कि वे अपने बेटे सौगत बोस के साथ फिलहाल लंदन में हैं और 15 अक्टूबर के बाद ही भारत लौटेंगी।
पीएमओ को भेजा बैठक का एजेंडा
नेताजी के भतीजे चंद्र कुमार बोस ने कोलकाता में कहा कि उन्होंने पीएमओ को बातचीत का एजेंडा भेज दिया है। उन्होंने बताया कि हमने नेताजी की रहस्यमय मौत से जुड़ी सभी फाइलें सार्वजनिक किए जाने और 1945 के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़े मामलों की फाइलें खोले जाने की मांग रखी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में जो इनपुट मिले हैं, उसे देखते हुए यूपी, बिहार और ओडिशा सरकार से भी नेताजी से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करने की मांग की जाएगी। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने नेताजी से जुड़ी 64 फाइलों को सार्वजनिक किया है।
कौन हैं अनीता बोस फॉफ?
अनीता बोस फॉफ नेताजी सुभाष चंद्र बोस और एमिली की बेटी हैं। बताया जाता है कि 1934 में सुभाष चंद्र बोस जब ऑस्ट्रिया में अपना इलाज करा रहे थे, उस समय उन्होंने अपनी जीवनी लिखने के बारे में सोचा। इसके लिए उन्हें टाइपिस्ट की जरूरत थी। उनके ऑस्ट्रिया के एक फ्रेंड ने एमिली शेंकल को बतौर टाइपिस्ट वहां अप्वाइंट करा दिया। सुभाष एमिली को अपनी जीवनी डिक्टेट कराते थे। इसी दौरान दोनों में प्यार हो गया और 1937 में दोनों ने शादी कर ली। 29 नवंबर 1942 को विएना में एमिली ने एक बेटी को जन्म दिया। सुभाष ने अपनी बेटी का नाम अनीता बोस रखा। अनीता के मुताबिक, उनकी मां एमिली शेंकल ने सुभाष चंद्र बोस के साथ अपने रिश्तों को कभी सार्वजनिक नहीं किया। वह अपने पति का नाम गुप्त रखकर ही इस दुनिया से चली गई। अनीता के मुताबिक, उनकी मां ने उन्हें बताया था कि उनके पिता की ताइपे के पास एक प्लेन क्रैश में मौत हो जाने की खबर रेडियो से मिली थी।
डिप्टी मेयर रह चुकी हैं अनीता
पेशे से अर्थशास्त्री नेताजी की बेटी अनीता जर्मनी के फॉफ आउग्सबुर्ग जिले के स्टटबेर्गन शहर की डिप्टी मेयर भी रह चुकी हैं। अनीता कई बार भारत आ चुकी हैं। अनीता के मुताबिक, विमान हादसे में नेताजी की मौत के वक्त वह सिर्फ ढाई साल की थीं। भारत के बेंगलुरु में अनीता की मुलाकात मार्टिन फॉफ से हुई थी। ऑस्ट्रियाई मूल के मार्टिन यहां दृष्टिहीनों के लिए एक संगठन में काम कर रहे थे। कुछ समय बाद मार्टिन और अनीता ने ऑस्ट्रिया में शादी कर ली थी। अनीता फिलहाल जर्मनी के शहर बर्लिन में रहती हैं। उनके पति मार्टिन जर्मनी की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े रहे हैं।

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