नई दिल्ली। अफ्रीका में आतंकवादी घटनाओं में निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी संवेदना जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफ्रीकी देशों के साथ समुद्री सुरक्षा व आतंकवाद से निपटने में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। यहां भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन (आईएएफएस) को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि कुछ कड़ियां हैं, जो भारत और अफ्रीका को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट करती हैं। उन्होंने कहा, ‘आज की तारीख में दुनिया के कई हिस्सों में हिंसा व अस्थिरता की आंधी में भी बेहतर भविष्य का दीया टिमटिमा रहा है। जब आतंकवाद अफ्रीका के स्कूलों, सड़कों, समुद्र तटों व मॉलों में लोगों का जीवन खत्म करता है, तो भारत उस दर्द को अपना समझकर उसे महसूस करता है। और हम उन कड़ियों को देखते हैं, जो हमें आतंकवाद के खतरे के प्रति एकजुट करता है।’ उन्होंने कहा कि जब देश गृह युद्ध में फंसते हैं, तो उससे कोई अछूता नहीं रहता है। मोदी ने कहा, ‘हम यह भी महसूस करते हैं कि जब हमारे महासागर व्यापार के लिए सुरक्षित नहीं रह जाते, तो इसका खामियाजा हम सबको उठाना पड़ता है। हम जानते हैं कि हमारा साइबर नेटवर्क व्यापक मौके लाता है, लेकिन साथ में यह जोखिम भी पैदा करता है। जब सुरक्षा की बात आती है, तो दूरी हमें अलग नहीं कर सकती।’ उन्होंने कहा, ‘यही कारण है कि हमारी इच्छा समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने और आतंकवाद व चरमपंथ से निपटने की है। यही कारण है कि अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र का व्यापक सम्मेलन अवश्य होना चाहिए।’ मोदी ने कहा कि भारत अफ्रीकी संघ के शांति प्रयासों को अपना समर्थन बरकरार रखेगा। उन्होंने कहा, ‘हम यहां तथा अफ्रीका में अफ्रीकी शांतिरक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियान से संबंधित फैसलों पर हमारी आवाज एक होनी चाहिए।’
Thursday, 29 October 2015
अफ्रीका को भारत देगा 10 अरब डॉलर का ऋण : नरेंद्र मोदी
नई दिल्ली। अफ्रीका में आतंकवादी घटनाओं में निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी संवेदना जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफ्रीकी देशों के साथ समुद्री सुरक्षा व आतंकवाद से निपटने में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। यहां भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन (आईएएफएस) को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि कुछ कड़ियां हैं, जो भारत और अफ्रीका को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट करती हैं। उन्होंने कहा, ‘आज की तारीख में दुनिया के कई हिस्सों में हिंसा व अस्थिरता की आंधी में भी बेहतर भविष्य का दीया टिमटिमा रहा है। जब आतंकवाद अफ्रीका के स्कूलों, सड़कों, समुद्र तटों व मॉलों में लोगों का जीवन खत्म करता है, तो भारत उस दर्द को अपना समझकर उसे महसूस करता है। और हम उन कड़ियों को देखते हैं, जो हमें आतंकवाद के खतरे के प्रति एकजुट करता है।’ उन्होंने कहा कि जब देश गृह युद्ध में फंसते हैं, तो उससे कोई अछूता नहीं रहता है। मोदी ने कहा, ‘हम यह भी महसूस करते हैं कि जब हमारे महासागर व्यापार के लिए सुरक्षित नहीं रह जाते, तो इसका खामियाजा हम सबको उठाना पड़ता है। हम जानते हैं कि हमारा साइबर नेटवर्क व्यापक मौके लाता है, लेकिन साथ में यह जोखिम भी पैदा करता है। जब सुरक्षा की बात आती है, तो दूरी हमें अलग नहीं कर सकती।’ उन्होंने कहा, ‘यही कारण है कि हमारी इच्छा समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने और आतंकवाद व चरमपंथ से निपटने की है। यही कारण है कि अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र का व्यापक सम्मेलन अवश्य होना चाहिए।’ मोदी ने कहा कि भारत अफ्रीकी संघ के शांति प्रयासों को अपना समर्थन बरकरार रखेगा। उन्होंने कहा, ‘हम यहां तथा अफ्रीका में अफ्रीकी शांतिरक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियान से संबंधित फैसलों पर हमारी आवाज एक होनी चाहिए।’
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