Saturday, 24 October 2015

इस नुस्खे द्वारा आपकी एलर्जी हो जाएगी उड़न छूं

एलर्जी एक ऐसा शब्द,जिसका प्रयोग व्यापक रूप से होता आया है, आपने यह भी कहते हुए सुना होगा कि यार मुझे उससे बात करने में एलर्जी होती है। ऐसा ही कुछ हमारे सजीव शरीर में भी होता है, एलर्जी हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधकक्षमता के अतिसक्रियता के कारण उत्पन्न होने वाले एक प्रतिक्रिया है ,खासकर तब जब प्रतिक्रिया किसी सामान्य एवं हानिर
हित पदार्थ से हो रही हो तो वह पदार्थ एलर्जन कहलाता है। ये प्रतिक्रियाएं एक्वयार्ड,प्रेडिकटेबल एवं तीव्र होती हैं। आयुर्वेद शरीर रूपी क्षेत्र को एलर्जन रूपी बीज के प्रभाव  से  प्रतिरोधक क्षमता को संतुलित करने के  सिद्धांत पर कार्य करता है, अत: हानिरहित औषधियां एलर्जी से बचाव में अत्यंत कारगर सिद्ध होती हैं।

सर्दी हो या गर्मी सुबह उठते ही नाक बंद हो जाने और लगातार छिंक आने से वे परेशान हैं  तो केवल नियमित रूप से गिलोय की ताजी डंठलों का रस तथा ताजे आंवलें का रस  निकालकर ,उन्हें नियमित रूप से 2-3 चम्मच की मात्रा में सेवन करें या करायें निश्चित लाभ मिलेगा
गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद ,आधा चम्मच नींबू का रस को कुछ महीनों तक लगातार लें ,देखें आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में संतुलन आ जाएगा ,और आपको एलर्जी से सम्बंधित परेशानियों में अवश्य ही लाभ मिलेगा।

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