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डॉक्यूमेंट्री महोत्सव के आयोजकों ने आज बताया कि बीफ पर बनी एक फिल्म को
लेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मंजूरी लेने में विफल रहने के कारण वे
इसे नहीं दिखा पाएंगे। ‘‘कास्ट ऑन द मेन्यू कार्ड’’ शीर्षक वाली लघु फिल्म
35 अन्य फिल्मों में एकमात्र ऐसी फिल्म थी जिसे यहां ‘12वीं जीविका एशिया
लाइवलीहुड डॉक्यूमेंट्री फेस्टीवल’ में दिखाए जाने की अनुमति नहीं मिली।
महोत्सव का आयोजन सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी (सीसीएस) की ओर से किया जा रहा
है।
महोत्सव के निदेशक मनोज मैथ्यू ने बताया, ‘‘हमने
चार अगस्त को ही मंत्रालय को सारी फिल्में उपलब्ध करा दी थीं और हमें यह
मालूम चला कि केवल इस फिल्म को कल नहीं दिखाया जाएगा। हमारी तरफ से कोई
देरी नहीं हुई। हमने इसके बाद भी अनुरोध किया लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे
इसकी इजाजत देंगे। हमें प्रक्रिया का पालन करना ही होगा।’’ 21 मिनट की इस
फिल्म को टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) के स्कूल ऑफ मीडिया
एंड कल्चरल स्टडीज के छात्रों ने बनाया है जो मुंबई में बीफ सेवन के चलन पर
केंद्रित है। तीन दिवसीय एशिया-वाइड वार्षिक महोत्सव के तहत ग्रामीण और
शहरी गरीबों की जीवनशैली से जुड़ी चुनौतियों को रेखांकित करने का प्रयास
किया जाता है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी से पूछे
जाने पर उन्होंने बताया कि फिल्म के बारे में पर्याप्त सूचना नहीं दी गई
है।
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