कोर्ट ने बताया रेयरेस्ट ऑफ द रेयर केस
मुंबई की स्पेशल वुमन कोर्ट ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। सजा का
एलान करते हुए स्पेशल जज रुशाली जोशी ने माना कि यह रेयरेस्ट ऑफ द रेयर केस
है। सजा पर अनुहया के रिश्तेदार अरुण कुमार ने कहा कि परिवार इस फैसले से
बेहद खुश है।
कोर्टरूम में ही रोने लगा दोषी
सजा का एलान होते ही दोषी चंद्रभान सनाप फूट-फूटकर रोने लगा। उसने
मीडिया से कहा, ''मुझे गलत तरीके से फंसाया गया है। मैंने कोई अपराध नहीं
किया। मुझे मौत की सजा मिलने की उम्मीद नहीं थी। मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं
है। मुझे उस अपराध की सजा दी जा रही है, जो मैंने किया ही नहीं। मैंने अपनी
बेटी को नहीं देखा।''
क्या है मामला?
> क्रिसमस की छुट्टियों के बाद अनुहया विजयवाड़ा से मुंबई के
लोकमान्य तिलक टर्मिनल स्टेशन पहुंची थी। वह गोरेगांव जा रही थी, जहां वह
टीसीएस में काम करती थी।
> 5 जनवरी, 2014 को शाम पांच बजे खुद को कैब ड्राइवर बताते हुए
चंद्रभान ने अनुहया को साउथ मुंबई में उसके होस्टल ड्रॉप करने की बात कही।
इसके लिए उसने 300 रुपए किराया मांगा था।
> किराया तय होने के बाद जब अनुहया स्टेशन से अपने सामान के साथ निकली तो उसने पाया कि चंद्रभान के पास न तो कैब है, न ही ऑटोरिक्शा। वह एक मोटरसाइकिल के साथ खड़ा था। मोटरसाइकिल देख अनुहया ने उसके साथ जाने से इनकार कर दिया।
> किराया तय होने के बाद जब अनुहया स्टेशन से अपने सामान के साथ निकली तो उसने पाया कि चंद्रभान के पास न तो कैब है, न ही ऑटोरिक्शा। वह एक मोटरसाइकिल के साथ खड़ा था। मोटरसाइकिल देख अनुहया ने उसके साथ जाने से इनकार कर दिया।
>चंद्रभान ने कहा कि अनुहया अपनी फैमिली को बता दे कि वह
मोटरसाइकिल से जा रही है। अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर भी देने की बात
कही। अनुहया ने फिर भी जाने से इनकार कर दिया। लेकिन अगले एक घंटे तक उसे
कोई गाड़ी नहीं मिली।
> अनुहया के पास मोबाइल में बैलेंस नहीं था। इसलिए वह अपनी फैमिली को फोन नहीं कर पाई। लेकिन मोटरसाइकिल पर बैठने से पहले उसने ऐसा दिखाने की कोशिश की कि उसने अपनी फैमिली को फोन किया है।
> अनुहया के पास मोबाइल में बैलेंस नहीं था। इसलिए वह अपनी फैमिली को फोन नहीं कर पाई। लेकिन मोटरसाइकिल पर बैठने से पहले उसने ऐसा दिखाने की कोशिश की कि उसने अपनी फैमिली को फोन किया है।
> कुछ दूर जाने के बाद पेट्रोल खत्म होने का बहाना करते हुए दोषी
ने ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर बाइक रोक दी। इसके बाद वह अनुहया को घसीटते
हुए झाड़ियों में ले गया और रेप किया। बाद में उसके सिर पर पत्थर से वार
किया और दुपट्टे से गला घोंट दिया। बाइक से पेट्रोल निकाल कर उसने बॉडी को
जलाने की कोशिश भी की।
कैसे पकड़ाया था दोषी?
> शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू करते ही मुंबई पुलिस ने स्टेशन पर लगे सीसीटीवी और मोबाइल फोन रिकॉर्ड को खंगाला।
> अनुहया का मोबाइल सिग्नल आखिरी बार भांडुप में मिला, जिसके बाद 16 जनवरी को पुलिस ने अधजली बॉडी रिकवर की।
> पुलिस ने 3 मार्च को चंद्रभान को नासिक से अरेस्ट किया।
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