Wednesday, 21 October 2015

दलित हत्या कांड: हरियाणा सरकार ने मानी पीड़ित पक्ष की सभी मांगे

  • विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज
  • 11 लोगों के खिलाफ हत्या, दंगा सहित आरोपों में मामला दर्ज
फरीदाबाद। हरियाणा में फरीदाबाद जिले के सुनपेड गांव में दो दलित बच्चों को कथित रूप से जलाकर मारने की घटना के दो दिन बाद बुधवार को राज्य सरकार ने पीड़ित पक्ष की सभी मांगों को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद परिजन बच्चों का अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। फरीदाबाद से सांसद और केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पीड़ित पक्ष की सभी मांगें स्वीकार कर ली। मांगों के अनुसार मामले की सीबीआई से जांच कराई जाएगी तथा पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। मांगे माने जाने के बाद पीड़ित पक्ष विरोध छोड़कर दोनों बच्चों के अंतिम संस्कार करने को राजी हो गया।
    दूसरी ओर ‘अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा’ के तत्वाधान में आरोपियों के परिवार की महिलाओं ने एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर इस पूरे मामले में उनके परिजनों को फंसाने का आरोप लगाया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग सरकार से की। उन्होंने कहा, ‘हमारे परिवार के लोग इस मामले में पूरी तरह निर्दाेष हैं। उन्हें फर्जी तरीके से फंसाया जा रहा है।’ महिलाओं ने कहा, ‘पीड़ित परिवार जिस पुराने मामले को लेकर हम पर आरोप लगा रहा है, वह पूरी तरह से निराधार है। वह मुकदमा बयान की स्थिति पर पहुंच गया था और फैसला हमारे हक में आने वाला था। इसी को देखते हुए पीड़ित परिवार ने इस तरह का षडयंत्र रच हमें फंसाने का काम किया है।’ उन्होंने कहा, ‘हमें सरकार व प्रशासन पर पूरा भरोसा है। निष्पक्ष जांच से इस मामले का पूरा सच सामने आ जाएगा।’
    इससे पूर्व दो मासूम बच्चों को जिंदा जलाने की वीभत्स घटना के विरोध में यहां स्थानीय लोगों ने शवों के साथ प्रदर्शन किया। लोगों ने दिल्ली-आगरा राजमार्ग को जाम किया। इस दौरान कई नेता भी वहां पहुंचे। पुलिस ने बताया कि मौके पर स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। लाठीचार्ज के सहारे प्रदर्शनकारियों को वहां से भगाने के बाद पुलिस ने मृत बच्चों के शव एम्बुलेंस से अस्पताल भिजवा दिए, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पड़ोसी जिलों से पुलिस की पांच अतिरिक्त कंपनियां बुलाई गर्इं। राष्ट्रीय राजधानी से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित फरीदाबाद के सुनपेड़ गांव में जैसे ही ढाई साल के वैभव और 11 महीने की दिव्या के शव को लाया गया, वहां का पूरा माहौल गमगीन हो गया। इस घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने हाथ से हाथ मिलाकर मार्च किया और नारेबाजी की। वे लोग दोनों बच्चों के शवों को लेकर दिल्ली-आगरा राजमार्ग पहुंचे तथा वहां शवों को रखकर प्रदर्शन किया।
    गौरतलब है कि सनपेड़ गांव में दबंगों द्वारा दलित परिवार के घर पर पेट्रोल छिड़कर आग लगाए जाने की घटना में मंगलवार तड़के जितेंद्र के नौ माह के बेटे और ढाई साल की बेटी की मौत हो गई थी। इस घटना में वह तथा उसकी पत्नी गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे पुरानी रंजिश का मामला बताया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 11 लोगों के खिलाफ हत्या, दंगा करने और अन्य आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। हमलावरों ने कथित रूप से खिड़की में से पेट्रोल छिड़का और घर को आग लगा दी, जिसके कारण ढाई साल के वैभव और उसकी 11 महीने की बहन दिव्या की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

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