जहानाबाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बिहार के
जहानाबाद और कैमूर में रैली की। कैमूर के भभुआ में मोदी ने कहा, ''इस तरह
की हरकत करने वाले सुन लें, मोदी को रोक सकते हैं, जनता को नहीं। मैं मन की
बात करता था तो रोज डेलिगेशन भेजते कि मोदी की मन की बात रोक दें। उन्हें
डर था कि मोदी के मन की बात बिहार की जनता के दिल को छू रही है। उन्होंने
तूफान खड़ा किया कि 12 तारीख को यहां मतदान हो रहा, मोदी के आने से प्रभाव
पड़ेगा। इतना डर? आप मोदी को नहीं पहचानते हैं। आप मेरी रैलियों पर रोक
लगाएंगे तो मैं मजदूर आदमी हूं, पैदल चल पड़ूंगा। आप कुछ नहीं कर पाओगे।''
बता दें कि सिक्युरिटी का हवाला देते हुए कैमूर के डीएम ने दो दिन
पहले रैली को परमिशन नहीं दी थी। हालांकि, इलेक्शन कमीशन के पास मामला
पहुंचने के बाद परमिशन मिल पाई।
'बीजेपी के रहते बिहार में कोई स्टिंग नहीं हुआ, अब मंत्री ही रिश्वत लेते पकड़े गए'
जहानाबाद में उन्होंने नीतीश सरकार में मंत्री के घूस लेते स्टिंग में
फंसने पर तंज कसा। पीएम ने कहा, ''लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विरासत का
दावा करने वाले लोगों ने उनके जन्मदिन पर ही चार लाख रुपए की घूस ली। यह
जेपी का अपमान है।'' (नीतीश के मंत्री की स्टिंग की पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
और क्या कहा मोदी ने?
स्टिंग का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, “जेपी का इससे बड़ा अपमान नहीं
हो सकता। उनकी जयंती के दिन ही एक मंत्री चार लाख रुपए की घूस लेते पकड़े
गए। जब तक भाजपा सरकार में थी, तब तक कोई स्टिंग ऑपरेशन नहीं हुआ। जब से इस
महाशय ने नया जोड़ीदार खोज लिया है, तब से सारी पार्टी बिगड़ने लगी। इन पर
तो कोर्ट ने ठप्पा भी लगा दिया है। अगर यही चलता रहा तो बिहार में कुछ
नहीं बचेगा। अगर जेपी की जयंती मनानी है तो ऐसे लोगों को चुन-चुन कर साफ कर
दो।”
1975 में लोकतंत्र की हत्या की गई। जयप्रकाश बाबू को जेल में डाल दिया
गया। वह देश में भ्रष्टाचार मिटाने आए थे। जेपी को भ्रष्टाचार के खिलाफ
लड़ने के कारण जेल में डाला गया। पूरे देश में जयप्रकाश की जयंती
भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग के लिए मनाई जाती है। उनके चेले जो कभी जेपी-जेपी
करते थे, उन्होंने जेपी की जयंती कैसे मनाई।
जनता को दी बधाई
मोदी ने सबसे पहले बिहार की जनता को पहले फेज में वोटिंग के लिए बधाई
दी। पीएम ने इलेक्शन कमीशन को भी अच्छे इंतजामों के लिए शुक्रिया कहा। (बिहार में वोटिंग की खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
मोदी की स्पीच के प्वाइंट्स
> नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए पीएम ने कहा, “शिक्षा के
क्षेत्र में भारत सरकार ने जो पैसा दिया है, उसमें से 1 हजार करोड़ रुपए का
हिसाब अभी तक दिल्ली सरकार को नहीं पहुंचा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में
जो पैसे मिले हैं, उसमें से 500 करोड़ रुपए का हिसाब दिल्ली सरकार को नहीं
दिया है। पिछड़े वर्ग की लड़कियों के कल्याण के लिए मिले पैसे में से 300
करोड़ रुपए का हिसाब भी दिल्ली को नहीं दिया है।”
> उन्होंने आगे कहा, “कुछ अन्य योजनाओं के लिए 9100 करोड़ रुपए दिए गए थे। बिहार सरकार के पास पैसे लेने का समय नहीं है। 5000 करोड़ अभी तक बैंक में ही पड़े हैं। इस सरकार के पास कोई योजना नहीं है। यह सरकार 1.65 करोड़ रुपए के पैकेज का भी कुछ नहीं करेगी। इसलिए यहां एनडीए को मौका दीजिए, जिससे दिल्ली सरकार मिलकर काम कर सके और पांच साल बाद मैं हिसाब दूं।”
क्या है स्टिंग का मामला?> उन्होंने आगे कहा, “कुछ अन्य योजनाओं के लिए 9100 करोड़ रुपए दिए गए थे। बिहार सरकार के पास पैसे लेने का समय नहीं है। 5000 करोड़ अभी तक बैंक में ही पड़े हैं। इस सरकार के पास कोई योजना नहीं है। यह सरकार 1.65 करोड़ रुपए के पैकेज का भी कुछ नहीं करेगी। इसलिए यहां एनडीए को मौका दीजिए, जिससे दिल्ली सरकार मिलकर काम कर सके और पांच साल बाद मैं हिसाब दूं।”
नीतीश सरकार में मंत्री अवधेश कुशवाहा का रविवार से एक वीडियो यूट्यूब पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि मंत्री बिहार में सरकार बनने पर कारोबारी को मदद करने का भरोसा दे रहे हैं। अपने एक अन्य मंत्री साथी को भी कारोबारी को मदद करने को कह रहे हैं। वीडियो में आरजेडी के कैंडिडेट को भी पैसे लेते हुए देखा जा सकता है। इस घटना के बाद जेडीयू ने कुशवाहा का नॉमिनेशन कैंसल कर दिया है। उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
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