Monday, 19 October 2015

वॉल-मार्ट ने भारत में रिश्वत के लिए दिए करोड़ों डालर

न्यूयार्क। दुनिया की प्रमुख रिटेल कंपनी वॉल-मार्ट स्टोर्स इंक ने सीमा शुल्क से सामान छुड़ाने और रीयल एस्टेट परमिट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को हजारों छोटी-छोटी रिश्वत के रूप में करोड़ों डालर खर्च किए। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका सरकार की जांच में यह खुलासा हुआ है। इनमें से ज्यादातर भुगतान 200 डालर से भी कम यानी मौजूदा विनिमय दर के हिसाब से 13,000 रुपये तक का है। खास बात यह है कि वॉल-मार्ट ने भारतीयों को पांच डालर यानी 330 रुपये की मामूली रकम भी रिश्वत में दी। कुल मिलाकर यह राशि करोड़ों डालर में बैठती है। तीन साल की संघीय जांच में भारत में रिश्वतखोरी के सबूत मिले हैं। यह मुख्य रूप से स्थानीय अधिकारियों को छोटे भुगतान पर केंद्रित है। रिपोर्ट में ऐसे अधिकारियों का नाम नहीं बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में संदिग्ध रिश्वतखोरी जांच में स्थानीय स्तर के अधिकारियों को हजारों ऐसे भुगतान का खुलासा हुआ है। मुख्य रूप से यह रिश्वत सीमा शुल्क से माल निकालने या रीयल एस्टेट परमिट हासिल करने के लिए दिया गया। इसमेंं कहा गया है कि ज्यादातर ऐसे भुगतान की राशि 200 डालर से भी कम थी। कुछेक मामलों मेें तो पांच डालर तक की भी रिश्वत दी गई। रिपोर्ट के अनुसार जांचकर्ताआें ने पाया कि इसी तरह का भुगतान मेक्सिको को भी किया गया, लेकिन ज्यादातर ऐसी गतिविधियां भारत में हुर्इं। इस तरह के भुगतान के लिए वॉल-मार्ट को अमेरिकी विदेशी भ्रष्टाचार व्यवहार कानून (एफसीपीए) के उल्लंघन के मामले का सामना करना पड़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मामले में जुर्माना राशि बहुत अधिक नहीं होगा, क्योंकि एफसीपीए का जुर्माना गलत तरीके से हुए मुनाफे के आधार पर लगाया जाता है। वॉल-मार्ट की भारतीय इकाई को 2014 में 232 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। उस साल कंपनी का राजस्व 32 प्रतिशत घटकर 2,992.7 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल नवंबर में रिटेल कंपनी ने अमेरिकी न्यायिक विभाग की जांच के बाद एक प्रबंधक को बर्खास्त किया था। इससे पहले कंपनी ने एक मुख्य वित्त अधिकारी और विधि टीम को हटाया था। इस बारे में संपर्क किए जाने पर वॉल-मार्ट इंडिया के उपाध्यक्ष एवं प्रमुख (कारपोरेट मामले) रजनीश कुमार ने कहा, ‘जैसा कि हम शुरू से कहते रहे हैं, हम इस मामले में सरकार के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। इस पर हम और टिप्पणी नहीं कर सकते।’ उन्होंने कहा कि वॉल-मार्ट के लिए एफसीपीएओर अन्य भ्रष्टाचार रोधक कानूनों का अनुपालन प्रमुख प्राथमिकता है।

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