कैसी होगी नई अमरावती?
- एन चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने अमरावती को राजधानी बनाने के लिए 32,000 एकड़ जमीन ली है। सरकार के पास अब 50,000 एकड़ जमीन है।
- कृष्णा नदी के किनारे विजयवाड़ा-गुंटुर रीजन में नई राजधानी के लिए किसानों की जमीन ली गई है।
- किसी राज्य की यह पहली ऐसी राजधानी होगी जिसे इस तरह जमीन जुटा कर बनाया जा रहा है। इसे लैंड-पूलिंग कॉन्सेप्ट कहा जाता है।
- यह ऐसा पहला शहर होगा जहां पोस्ट डेवलपमेंट में मालिकों को शेयर मिलेगा।
- अमरावती विजयवाड़ा और गुंटुर जैसे शहरों के बीच में आता है। ये शहर नई राजधानी के डेवलपमेंट में कैटेलिस्ट की भूमिका निभा सकते हैं।
- अमरावती से सटे चार नेशनल हाईवे, एक नेशनल वाटर हाईवे, रेलवे का ग्रैंड ट्रंक रूट, तेजी से बढ़ रहा एयरपोर्ट और एक सी-पोर्ट है। यह शहर को फायदा पहुंचाएगा।
- 450 साल तक अमरावती का इलाका आंध्र प्रदेश तेलंगाना, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक तक फैला हुआ था।
- नए डिजाइन के तहत इस शहर को ईस्ट कोस्ट पर इसे 'गेटवे ऑफ इंडिया' के रूप में स्थापित किया जाएगा।
अमरावती को राजधानी बनाने पर सवाल भी उठे
- यहां के किसान फिलहाल साल में तीन बार फसल उगाते हैं। इसलिए यहां की जमीन लेने के फैसले की आलोचना भी हो रही है।
- विजयवाड़ा-गुंटुर जैसे रीजन आर्थिक रूप से यूनीक माने जाते हैं। उन पर दबाव बढ़ सकता है।
- इतिहास के जानकारों और पुरातत्वविदों का कहना है कि जो पुरानी अमरावती है, वह नया शहर बनने के बाद अपनी अहमियत खो देगी।
- लेफ्ट पार्टियों ने शहर को मॉर्डन बनाने और प्लानिंग में सिंगापुर और जापान जैसे देशों पर ज्यादा निर्भर रहने के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं।
कैसे बना अमरावती का कॉन्सेप्ट?
- 2 जून 2014- तेलंगाना बना। आंध्र प्रदेश से 13 जिलों के साथ अलग हुआ।
- 8 जून 2014- एन चंद्रबाबू नायडू तीसरी बार आंध्र के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने एलान किया कि प्रदेश के लिए वह नई राजधानी बनाएंगे। जबकि 10 सालों के लिए तेलंगाना के साथ हैदराबाद कॉमन कैपिटल है।
- 1 सितंबर 2014- आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने फैसला लिया कि नई राजधानी विजयवाड़ा के करीब होगी।
- अक्टूबर 2014- विजयवाड़ा-गुंटुर रीजन में तुलुर विलेज को राजधानी के रूप में सिलेक्ट किया गया।
- दिसंबर 2014 - नायडू ने सिंगापुर के प्लानर्स को नई राजधानी की डिजाइन करने को कहा।
- 1 जून 2015- स्मार्ट आंध्र गोल अचीव करने के लिए नायडू ने स्मार्ट-विलेज वॉर्ड मैनुअल रिलीज किया।
- 3 जून 2015- कैपिटल के लिए लैंड पार्सल बनाने के लिए गुंटुर में नेलापाडु विलेज में लैंड-पूलिंग को लॉन्च किया गया।
- मार्च 2015- नायडू ने नई राजधानी का नाम अमरावती रखा।
- 6 जून 2015- कृष्णा नदी के किनारे भूमि पूजन किया गया।
- जुलाई 2015 - कैपिटल रिजन के लिए सिंगुपार के प्लानर्स ने मास्टर प्लान पेश किया। इसके बाद राजधानी की नींव रखने की शुरुआत हुई।
- 22 अक्टूबर 2015- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे नई राजधानी की नींव।
- अमरावती का पहला फेज 2018 तक पूरा करने का गोल रखा गया है।
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