Monday, 3 August 2015

सोनिया का PM पर निशाना, कहा- मोदी पैकेजिंग के मास्टर, मार्केटिंग से फुर्सत नहीं

नई दिल्ली. संसद में हंगामा खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। सोमवार को हुई सभी दलों की मीटिंग के बाद कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि बैठक बेनतीजा रही। कांग्रेस के इस रुख का असर सोमवार को संसद में भी दिखा। संसद में आज भी टकराव की स्थिति बनी रही। हंगामा होता रहा। इस बीच, कांग्रेस पार्लियामेंट्री बोर्ड की सोमवार सुबह हुई बैठक में पार्टी प्रेसिडेंट सोनिया गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी सिर्फ पैकेजिंग के मास्टर हैं, उन्हें मार्केटिंग से फुर्सत नहीं है।
क्या कहा सोनिया ने?
सोनिया ने कहा- ‘‘बीजेपी ने ही ‘इस्तीफा अभी और बहस बाद में’ का तरीका शुरू किया था। यूपीए सरकार के वक्त कम से कम 5 बार ऐसा किया गया था। हम भी उसी पर चल रहे हैं। पीएम का काम पर ध्यान नहीं है। हम बीजेपी के पुराने रवैये की बराबरी नहीं कर रहे हैं। सरकार की बेशर्मी के कारण हम विरोध कर रहे हैं। संसद चले लेकिन उससे पहले सुषमा, वसुंधरा के इस्तीफे लेने होंगे। सरकार बहुमत का घमंड दिखा रही है। मोदी पैकेजिंग के मास्टर हैं। काबिल सेल्समैन हैं। हेडलाइन बटोरते हैं। चालाक न्यूज मैनेजर हैं। साथियों के करप्शन मामले में मन की बात क्यों नहीं कर रहे हैं? जो मन की बात करने का दावा करते हैं, उन्होंने अब मौन व्रत ले लिया है।'' दूसरी ओर, एक टीवी चैनल से बातचीत में कांग्रेस वाइस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने कहा कि जब तक दागी मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक कांग्रेस संसद नहीं चलने देगी। (सुषमा बोलीं- मैंने ललित मोदी को फायदा नहीं पहुंचाया. यहां पढ़ें डिटेल)
पीएम दे सकते हैं बयान
एनडीए सरकार संसद में टकराव खत्म करने के लिए पीएम को आगे का लाने की सोच रही है। सरकार चाहती है कि पीएम व्यापमं और ललितगेट मामले पर संसद में दखल दें ताकि हाऊस के अंदर काम भी हो सके। नायडू के मुताबिक, ''अगर बहस की इजाजत मिलती है और ऐसा करने की जरूरत पड़ी तो पीएम इस मामले में बयान दे सकते हैं।उन्होंने ऐसा पहले भी किया है और अब भी कर सकते हैं।''
कितने दिन और चलनी है संसद?
मानसून सत्र में अब तक हंगामे के चलते कोई काम नहीं हो सका है। ललितगेट, व्यापमं जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष खासकर कांग्रेस की ओर से सरकार पर तीखे हमले किए जा रहे हैं। वहीं, सरकार की तरफ भी कांग्रेस पर पलटवार किया जा रहा है। संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को खत्म होगा। तब तक शनिवार-रविवार छोड़कर सिर्फ 9 दिन बैठक होगी। अब तक एक भी दिन पूरी तरह से काम नहीं हो सका है। कांग्रेस व्यापम और 'ललितगेट' मामले में सुषमा, शिवराज और वसुंधरा का इस्तीफा मांग रही है। हालांकि, सरकार ने भी साफ कर दिया है कि सुषमा स्वराज, शिवराज सिंह चौहान और वसुंधरा राजे में से कोई भी इस्तीफा नहीं देगा।
ये सेशन संसद में मोदी सरकार के अच्छे रिकॉर्ड को क्यों खराब कर सकता है?
मोदी के पीएम बनने के बाद 3 संसद सत्र हो चुके हैं। चौथा सत्र चल रहा है। इससे पहले संसद में कामकाज का अच्छा रिकॉर्ड था। लेकिन मौजूदा सेशन के 4 दिन पूरे रिकॉर्ड को खराब कर सकते हैं। पिछले सेशन में 122% तक काम हुआ था। इस सेशन में अब तक सिर्फ 6% ही काम हो सका है।
*सेशंस लोकसभा में प्रोडक्टिविटी राज्यसभा में प्रोडक्टिविटी
बजट सेशन 2014 103% 106%
विंटर सेशन 2014 98% 58%
बजट सेशन 2015 122% 102%
**मानसून सेशन 2015 10% 7%
*आंकड़े पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के मुताबिक
** मौजूदा सेशन 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान शनिवार-रविवार कार्यवाही नहीं होगी।
संसद में एक मिनट में टैक्सपेयर्स का कितना पैसा खर्च होता है?
एक मिनट की कार्यवाही में 29 हजार रुपए का खर्च
एक घंटे में 17.40 लाख रुपए
एक दिन में 1.91 करोड़ रुपए
इस सेशन के 18 दिनों की कॉस्ट 36 करोड़ रुपए
क्यों नहीं चल पा रही संसद?
कांग्रेस इन नेताओं का चाहती है इस्तीफा
जवाब में भाजपा अब तक इनके इस्तीफे मांग रही थी
सुषमा स्वराज, विदेश मंत्री,
ट्रेवल डॉक्यूमेंट में ललित मोदी की मदद करने का आरोप
हरीश रावत, उत्तराखंड के सीएम,
एक स्टिंग के बाद उनके निजी सचिव पर एक शराब कारोबारी से पैसे के लेनदेन का आरोप
वसुंधरा राजे, राजस्थान की सीएम,
ललित मोदी के लिए इमिग्रेशन कोर्ट में सीक्रेट विटनेस बनने का आरोप
वीरभद्र सिंह, हिमाचल प्रदेश के सीएम,
शिमला के एलआईसी एजेंट आनंद चौहान से छह करोड़ रुपए की घूस लेने का आरोप।
शिवराज सिंह चौहान, एमपी के सीएम,
व्यापमं घोटाले से जुड़े आरोप
भाजपा का अब स्टैंड : सुषमा, वसुंधरा और शिवराज के मुद्दे पर चर्चा को राजी है लेकिन वह किसी के इस्तीफे नहीं लेगी।

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