नई दिल्ली. बचपन में गलती से पाकिस्तान गई बोलने और सुनने में
लाचार एक लड़की के लिए भारत सरकार ‘बजरंगी भाईजान’ बनेगी। 23 साल की इस
लड़की को देश लाने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कोशिश शुरू कर दी
है। उन्होंने सोमवार को एक ट्वीट में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि
उस लड़की से मिलने के लिए इस्लामाबाद में तैनात भारतीय हाई कमिश्नर को कह
दिया गया है। बता दें कि पिछले महीने रिलीज हुई सलमान खान की फिल्म
‘बजरंगी भाईजान’ इसी तरह की कहानी पर बेस्ड है। इसमें हीरो एक पाकिस्तानी
लड़की को उसके वतन छोड़ने जाता है।
क्या है मामला?
बताया जा है कि एक भारतीय लड़की 14 साल से पाकिस्तान में है। अब तक उसके फैमिली वाले नहीं मिले हैं। पंजाब रेंजर्स करीब 14 साल पहले उसे एदी फाउंडेशन में लाए थे। इस लड़की को पहले लाहौर स्थित 'एदी सेंटर' में लाया गया था और बाद में कराची स्थित संगठन के एक शेल्टर होम में भेज दिया गया। यहां ‘मदर ऑफ पाकिस्तान' के नाम से मशहूर बिलकिस एदी ने इस लड़की का नाम ‘गीता' रखा। फाउंडेशन के फैसल एदी ने कहा, ‘‘सालों से हम उसके परिवार या उसके शहर के बारे में पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वह लौट सके।''
सुषमा स्वराज का ट्वीट
- @AnsarBurney ने ट्वीट किया था, ‘‘@SushmaSwaraj भारत से पाकिस्तान में आई एक भारतीय लड़की की फैमिली को खोजने में मदद करें।''
- इसी ट्वीट के जवाब में सुषमा ने सोमवार को कहा- ‘‘@AnsarBurney
मैंने पाकिस्तान में इंडियन हाई कमिश्नर डॉ. टीसीए राघवन से बात की है।
उन्हें कराची जाने के लिए कहा है, जहां वे उस लड़की से मिलेंगे।''
भारत का नक्शा पहचान जाती है गीता
गीता के भारतीय होने का पता इससे भी चलता है कि वह मोबाइल फोन पर भारत का नक्शा पहचान जाती है। वह पहले भारतीय नक्शे पर झारखंड पर उंगली रखती है। फिर तेलंगाना की ओर इशारा करते हुए अपने घर का पता बताने की कोशिश भी करती है। फैसल के मुताबिक गीता ने इशारे से उन्हें यह बताने की कोशिश की थी कि उसके 7 भाई और 4 बहनें हैं। पाकिस्तान के पूर्व मंत्री अंसार बर्नी ने कहा, ‘‘वह हिंदू है और हिंदू देवी-देवताओं की रंग-बिरंगी तस्वीरें उसने लगाई हैं।''
अंसार बर्नी ने 3 साल पहले भी उठाया था गीता का मुद्दा
पाकिस्तान के ह्यूमन राइट्स मिनिस्टर रहे अंसार बर्नी ने तीन साल पहले
अपने भारत दौरे के वक्त भी गीता का मुद्दा उठाया था। लेकिन कोई कोशिश नहीं
हुई। फैसल के मुताबिक पिछले साल भारतीय दूतावास से अफसर आए थे। वे गीता की
फोटो और रिकॉर्ड्स ले गए। लेकिन न तो आगे कुछ हुआ, न ही वे अफसर यहां
लौटे।
पाकिस्तान में नहीं रहना चाहती गीता
14 साल से गीता की देखभाल कर रहे ईदी फाउंडेशन के एक्टिविस्ट चाहते थे
कि वह पाकिस्तान में ही नई जिंदगी शुरू करे। वे चाहते थे कि गीता
पाकिस्तान में रहने वाले एक हिंदू लड़के से शादी कर ले। लेकिन गीता ने इससे
इनकार कर दिया। उसने कहा कि वह भारत लौटकर ही शादी के बारे में सोचेगी।
गीता एक कागज पर घर का स्केच बनाती है और उस पर 193 लिखती है। माना जा रहा
है कि यह 193 उसके घर का नंबर होगा।
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