भोपाल. मध्य प्रदेश के हरदा के पास ट्रैक धंसने से मंगलवार को
दो ट्रेनें हादसे का शिकार हो गईं। हादसे में बचे कुछ लोगों ने आपबीती
सुनाई है।
धोती से खुद को बांधकर बचाई जान
हादसे में बचे मटुक ने बताया कि उन्होंने गिरते हुए कोच में खुद को
धोती से बांधकर पानी में बह जाने से बचाया। उन्होंने बताया कि हर तरफ
चीख-पुकार मची हुई थी। लोग जान बचाने के लिए बाहर निकलने की कोशिश कर रहे
थे। (देखें इस हादसे की फोटोज)
'तेज आवाज और हम चौंक गए'
भोपाल के भरत कोली पत्नी सुषमा के साथ पचौरा में मंगलवार शाम साढ़े छह बजे ट्रेन में सवार हुए थे। दोनों जनरल कोच में थे। रात करीब 11 बजे हरदा से करीब 20 किमी पहले एक तेज आवाज ने सारे यात्रियों को चौंका दिया। भरत ने बताया, ''हमें ऐसा लगा, जैसे तेजी से कुछ टकराया हो या गिरा हो। हम कुछ समझ पाते इसके पहले ही ट्रेन रुक गई थी। बाहर गहरा अंधेरा था। तेज बारिश हो रही थी। पता चला कि ट्रेन एक पुल से गुजरी, जिसके ऊपर पानी बह रहा था। हमने अंधेरे में ही देखा कि पीछे की तीन-चार बोगियां पटरी से उतरकर पानी में समा गई थीं। हालांकि, गहरे अंधेरे की वजह किसी को कुछ साफ दिखाई नहीं दे रहा था। हमने ही 108 नंबर पर घटना की जानकारी दी।'' (लाइव अपडेट्स जानने के लिए यहां क्लिक करें)
भोपाल के भरत कोली पत्नी सुषमा के साथ पचौरा में मंगलवार शाम साढ़े छह बजे ट्रेन में सवार हुए थे। दोनों जनरल कोच में थे। रात करीब 11 बजे हरदा से करीब 20 किमी पहले एक तेज आवाज ने सारे यात्रियों को चौंका दिया। भरत ने बताया, ''हमें ऐसा लगा, जैसे तेजी से कुछ टकराया हो या गिरा हो। हम कुछ समझ पाते इसके पहले ही ट्रेन रुक गई थी। बाहर गहरा अंधेरा था। तेज बारिश हो रही थी। पता चला कि ट्रेन एक पुल से गुजरी, जिसके ऊपर पानी बह रहा था। हमने अंधेरे में ही देखा कि पीछे की तीन-चार बोगियां पटरी से उतरकर पानी में समा गई थीं। हालांकि, गहरे अंधेरे की वजह किसी को कुछ साफ दिखाई नहीं दे रहा था। हमने ही 108 नंबर पर घटना की जानकारी दी।'' (लाइव अपडेट्स जानने के लिए यहां क्लिक करें)
'टीटीई कर रहे थे टिकट चेक तभी कोच में घुसा पानी'
भोपाल के दोसो कुमावत कामायनी एक्सप्रेस के कोच एस-6 में सवार थे। उन्होंने बताया कि हादसे के समय ज्यादातर यात्री सोए हुए थे। टीटीई टिकट चेक कर रहे थे। अचानक जोर की आवाज हुई। आवाज कैसे आई, इसे लेकर लोग चर्चा ही कर रहे थे, तभी कोच में पानी घुस आया। लोअर बर्थ पर सोए हुए यात्री जाग गए। करीब 20 मिनट बाद टीटीई ने एक-एक करके बोगी के 40 यात्रियों को कोच के रास्ते जनरल बोगी में शिफ्ट कराया।
भोपाल के दोसो कुमावत कामायनी एक्सप्रेस के कोच एस-6 में सवार थे। उन्होंने बताया कि हादसे के समय ज्यादातर यात्री सोए हुए थे। टीटीई टिकट चेक कर रहे थे। अचानक जोर की आवाज हुई। आवाज कैसे आई, इसे लेकर लोग चर्चा ही कर रहे थे, तभी कोच में पानी घुस आया। लोअर बर्थ पर सोए हुए यात्री जाग गए। करीब 20 मिनट बाद टीटीई ने एक-एक करके बोगी के 40 यात्रियों को कोच के रास्ते जनरल बोगी में शिफ्ट कराया।
'उतरने की तैयारी कर रहे थे कि तभी हुआ तेज धमाका'
हरदा के नानक पाटिल ने बताया कि वे कामायनी एक्सप्रेस में जलगांव से सवार हुए थे। ट्रेन हरदा पहुंचने वाली थी। वहां उतरने वाले यात्रियों ने अपना सामान संभालना शुरू ही किया था कि तभी तेज धमाके और धक्के के साथ ट्रेन रुक गई। बोगी में पानी भरने लगा। अफरा-तफरी की हालत बन गई। 40 मिनट की मशक्कत के बाद मैं बोगी से बाहर निकल सका।
हरदा के नानक पाटिल ने बताया कि वे कामायनी एक्सप्रेस में जलगांव से सवार हुए थे। ट्रेन हरदा पहुंचने वाली थी। वहां उतरने वाले यात्रियों ने अपना सामान संभालना शुरू ही किया था कि तभी तेज धमाके और धक्के के साथ ट्रेन रुक गई। बोगी में पानी भरने लगा। अफरा-तफरी की हालत बन गई। 40 मिनट की मशक्कत के बाद मैं बोगी से बाहर निकल सका।
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