Thursday, 22 October 2015

पूरे देश में धूमधाम से मनाया विजयदशमी पर्व

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नई दिल्ली। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व वीरवार को देशभर में धूमधाम से मनाया गया। विभिन्न स्थानों पर रावण, कुंभ
कर्ण और मेघनाथ के पुतले जलाए गए। इससे पूर्व राष्टपति, उपराष्टÑपति और प्रधानमंत्री ने देशवासियों को इस पर्व पर शुभकामनाएं दी। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा, ‘दशहरे की बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं।’ उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें यह स्मरण कराता है कि जो भी सत्य के मार्ग का अनुसरण करता है, जीत उसी की होती है।
    भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक है, शौर्य की उपासक है। व्यक्ति और समाज के रक्त में वीरता प्रकट हो, इसलिए दशहरे का उत्सव रखा जाता है। दशहरा या विजयदशमी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। आश्विन शुक्ल दशमी को विजयदशमी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था। इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। इसीलिए इस दशमी को विजयादशमी के नाम से जाना जाता है।
    प्राचीन काल में राजा लोग इस दिन विजय की प्रार्थना कर रण-यात्रा के लिए प्रस्थान करते थे। दशहरा का पर्व दस प्रकार के पापों- काम, क्रोध, लोभ, मोह मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी जैसे अवगुणों को छोड़ने की प्रेरणा हमें देता है। दशहरा अर्थात दुर्गा पूजा यह त्योहार वर्षा ऋतु के अंत में संपूर्ण भारत वर्ष में मनाया गया।

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