पाकिस्तान के साथ क्रिकेट रिश्ते बहाल करने की कोशिशों
के विरोध में सोमवार को शिवसैनिकों ने बीसीसीआई के दफ्तर में जमकर हंगामा
किया। शिवसैनिकों को खबर थी कि यहां बीसीसीआई प्रेसिडेंट शशांक मनोहर और
पाकिस्तान क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन शहरयार खान के बीच
मीटिंग होनी है। मीटिंग से पहले 100 से ज्यादा शिवसैनिकों बीसीसीआई दफ्तर
में घुसे। उन्होंने बीसीसीआई प्रेसिडेंट शशांक मनोहर को धमकी दी कि
पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने का फैसला नहीं होना चाहिए। शिवसेना इस
हंगामे तक नहीं रुकी। उसने पाकिस्तानी अंपायर अलीम डार को भी भारत छोड़ने
की धमकी दी। डार को इंडिया-साउथ अफ्रीका के बीच 25 अक्टूबर को मुंबई में
होने वाले पांचवें वनडे में अंपायरिंग करनी है।
हंगामे के बाद बोर्ड ऑफिस में मीटिंग टाल दी गई। हालांकि, बाद में
मनोहर ने एक होटल में शहरयार के साथ मुलाकात की। अब दोनों के बीच फॉर्मल
मीटिंग मंगलवार को दिल्ली में होगी। बताया जा रहा है कि इसमें दिसंबर में
पाकिस्तान के साथ क्रिकेट सीरीज खेलने के प्रपोजल पर बातचीत हो सकती है।
>सोमवार सुबह करीब 100 शिवसैनिक मुंबई के क्रिकेट सेंटर में
बीसीसीआई दफ्तर पहुंचे। उनके हाथों में ‘शहरयार गो बैक’ लिखी तख्तियां थीं।
उन्होंने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए।
>शिवसैनिक पाकिस्तान के साथ क्रिकेट रिश्ते बहाल करने की कोशिशों
का विरोध कर रहे थे। कुछ ही देर बाद बोर्ड के दफ्तर में मनोहर और शहरयार के
बीच मीटिंग होने वाली थी।
>हंगामे की खबर मिलते ही मौके पर मुंबई पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने
सभी शिवसैनिकों को वहां से बाहर निकाला। कई शिवसैनिकों को हिरासत में लिया।
>10 शिवसैनिकों को अरेस्ट कर लिया गया। बाद में मनोहर-शहरयार के
बीच मुंबई के एक होटल में मुलाकात हुई। इसके बाद शहरयार दिल्ली के लिए
रवाना हो गए जहां उनकी मंगलवार को मनोहर के साथ फॉर्मल मीटिंग होगी।
अलीम डार साउथ अफ्रीका के खिलाफ चल रही मौजूदा वनडे सीरीज में
अंपायरिंग टीम का हिस्सा हैं। उन्हें मुंबई में होने वाले पांचवें वनडे में
अंपायरिंग करनी है। ईएसपीएन और रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक शिवसेना ने
उन्हें धमकी दी है कि वे मुंबई में होने वाले वनडे में नजर न आएं।
> शहरयार खान हर हाल में दिसंबर में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट सीरीज
करवाना चाहते हैं। इसके लिए वे कुछ महीने पहले भी भारत आए थे। तब उन्होंने
बीसीसीआई के उस समय प्रेसिडेंट रहे जगमोहन डालमिया और मौजूदा बीसीसीआई
सेक्रेटरी अनुराग ठाकुर से भी मुलाकात की थी।
> पीसीबी ने एक बयान में बताया कि शहरयार बीसीसीआई के नए
प्रेसिडेंट के न्योते पर भारत गए हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट काउन्सिल (आईसीसी)
की मीटिंग के दौरान बीसीसीआई प्रेसिडेंट ने उन्हें भारत आने का न्योता
दिया था।
> आईसीसी की बैठक के दौरान हुई शहरयार-शशांक की मुलाकात में भी दोनों देशों के बीच क्रिकेट सीरीज की बहाली के लिए चर्चा हुई थी।
> पाकिस्तान के प्रपोजल को भारत बार-बार रिजेक्ट कर रहा था। इसके
बाद शहरयार खान बौखला उठे थे। उन्होंने बीसीसीआई को आईसीसी और एसीसी (एशियन
क्रिकेट काउंसिल) इवेंट्स में भारत का बायकॉट करने की धमकी दे डाली थी।
हालांकि, कुछ दिन बाद वे अपने इस बयान से पलट भी गए थे।
2012 में दोनों देशों के बीच हुई थी सीरीज
भारत-पाकिस्तान के बीच 2007 के बाद से कोई टेस्ट सीरीज और 2012 के बाद
कोई वनडे सीरीज नहीं हुई है। पाकिस्तान की टीम ही पिछली बार 2012 में भारत
आई थी। भारत ने पाकिस्तान में जाकर क्रिकेट खेलने से अब तक इनकार ही किया
है। 2012 के बाद दोनों टीमें सिर्फ वर्ल्ड कप 2015, एशिया कप जैसे आईसीसी
और एसीसी के वनडे टूर्नामेंट्स में ही खेली हैं।
लगातार हंगामा कर रही है शिवसेना
> शिवसेना ने पिछले दिनों पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली के शो का
विरोध किया था। इसके बाद मुंबई और पुणे में गुलाम अली का शो कैंसिल हो गया
था।
> पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह मेहमूद कसूरी की किताब की
मुंबई में लॉन्चिंग का भी शिवसेना ने विरोध किया था। बुक लॉन्च इवेंट के
ऑर्गनाइजर सुधींद्र कुलकर्णी के चेहरे पर शिवसैनिकों ने स्याही पोत दी थी।
कड़ी सुरक्षा के बाद कसूरी की किताब का विमोचन हुआ।
- शिवसेना सांसद आनंद राव अडसूल ने कहा कि हमें किसी भी सूरत में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट नहीं खेलनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हम यह मानने वाले नहीं हैं। पाकिस्तान के साथ तभी क्रिकेट और बाकी रिश्ते सुधर सकते हैं, जब वे खुद सुधरें। वे हमारे जवानों को मारते रहें और हम उनके साथ क्रिकेट खेलें? ये नहीं हो सकता।''
- आईपीएल के चेयरमैन और कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा, ‘‘क्रिकेट
एक जेंटलमैन गेम है। इसके चाहने वालों से भी उसी तरह के बर्ताव की उम्मीद
है। बीसीसीआई एक जिम्मेदार संस्था है। वह कुछ भी ऐसा नहीं करेगी जो देशहित
में न हो। बीसीसीआई दफ्तर में शिवसैनिकों का हंगामा ठीक नहीं है।''
बीसीसीआई इस सीरीज से इसलिए इन्कार कर रही, क्योंकि केंद्र सरकार से
अनुमति नहीं मिल रही। बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर भी कह चुके हैं कि
आतंकवाद और क्रिकेट साथ-साथ नहीं चल सकता। पाकिस्तान जबतक आतंकवाद बंद नहीं
करेगा, हम उनके साथ क्रिकेट नहीं खेल सकते। दोनों देशों के बीच सीरीज नहीं
होने का एक बहुत बड़ा कारण पाकिस्तान की ओर से फैलाया जा रहा आतंकवाद है।
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