Sunday, 2 August 2015

बारिश-बाढ़ः गुजरात में डेयरी इंडस्ट्री तबाह, अब तक एक लाख मवेशियों की मौत

नई दिल्ली/अहमदाबाद. बारिश के कारण देश के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गुजरात में दो दिनों की बारिश के बाद अब तक यहां 70 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा नुकसान बनासकंठा जिले की डेयरी इंडस्ट्री को हुआ है। बनास डेयरी ने दावा किया है अकेले इसी जिले में बारिश के कारण एक लाख से ज्यादा मवेशियों (गाय-भैंस) की मौत हो चुकी है। बता दें कि 'कोमेन' साइक्लोन के कारण पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई जिलों में भी बाढ़ आ गई है। बंगाल में 40 लोग की मौत हुई है और ओडिशा में पांच लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

दूध के कलेक्शन में भारी गिरावट
गुजरात में अमूल जैसे ब्रांड के लिए रोज 35 लाख लीटर दूध का कल्केशन करने वाले बनासकंठा डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूशर यूनियन लि. (बनास डेयरी) ने दावा किया है कि बारिश के कारण इंडस्ट्री बुरी तरह से प्रभावित हुई है। डेयरी के चेयरमैन पार्थीभाई भटोल ने कहा, ''हाल में तीन दिनों की बारिश के कारण दूध का कलेक्श एवरेज 35 लाख लीटर से घट कर दो लाख लीटर आ गया है।
गुजरात की नदियां उफान पर
गुजरात में नर्मदा और साबरमती जैसी नदियां उफान पर हैं। साबरमती पर बने बांध से 1.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद खेड़ा जिले के कई गांव पानी में डूब गए। इन गांवों में रेस्क्यू के लिए के लिए नाव और हेलीकॉप्टर की मदद लेनी पड़ी।
कोमेन की रफ्तार कम पर बारिश ज्यादा, मानसून भी तेजी से एक्टिव
बंगाल की खाड़ी में उठे ‘कोमेन’ तूफान की रफ्तार कम हो गई है लेकिन फिर भी पूर्वी राज्यों में खूब बारिश हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को भी बंगाल और ओडिशा में बारिश से राहत नहीं मिलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून पश्चिम बंगाल, झारखंड में तेजी से एक्टिव हो गया है। नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में सक्रिय है। लेकिन अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात, मराठवाड़ा, विदर्भ, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कमजोर पड़ गया है।
बंगाल में बिगड़े हालात
बंगाल में 48 घंटे से हो रही लगातार बारिश से 12 जिलों में बाढ़ का खतरा है। कुल 18 लाख लोग बारिश के कारण प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों के डीएम के साथ शनिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इमरजेंसी मीटिंग की। बता दें कि जून में मानसून के आने पर भी इन जिलों में बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। मौसम विभाग ने साउथ बंगाल के जिलों में रविवार और सोमवार को भी बारिश की आशंका जताई है। विभाग के मुताबिक, साउथ बंगाल के जिले नॉर्थ 24 परगना, साउथ 24 परगना, बांकुड़ा, पश्चिम और पूर्वी मिदिनापुर, पुरुलिया, बर्द्धमान, कोलकाता और मुर्शिदाबाद में बारिश होगी। 124 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। राज्य में 1.8 लाख घरों को नुकसान पहुंचा है। कोलकाता के अधिकांश हिस्से रविवार को भी पानी में ही हैं। सेंट्रल, साउथ और ईस्ट कोलकाता जैसे हिस्सों के कई इलाकों में पानी भर गया है। गरियाहाट में शनिवार की रात एक पुरानी बिल्डिंग गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। बांकुड़ा में बाढ़ के कारण लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ रहा है। जिले में अब तक दस हजारा लोग सुरक्षित स्थानों पर जा चुके हैं।

ओडिशा में बाढ़, पांच लाख प्रभावित
ओडिशा में कई जिले पहले ही बाढ़ से जूझ रहे हैं। कोमेन तूफान के कारण पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के कारण बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। पहले से ही करीब 350 गांव और पांच लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य की स्वर्णरेखा और वैतरणी नदियां पूरे उफान पर हैं। बालासोर, भद्रक, जैजपुर और अंगुल जिले में राहत और बचाव के लिए टीमें भेजी गई हैं। बालासोर में तीन लोगों के मरने की खबर है।
राजस्थान में 128 गांवों में पानी
राजस्थान में रविवार को भी बारिश का दौर जारी है। कई जिलों में बांध ओवरफ्लो हो गए हैं। जालोर में लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। भारी बारिश से अभी भी 128 गांवों में पानी भरा हुआ है। कई जगह गांवों का आपस में संपर्क कटा हुआ है। बारिश के कारण समदड़ी-भीलड़ी रेल ट्रैक के नीचे से मिट्‌टी बह गई है। शनिवार को भी इन्हें ठीक नहीं किए जाने से ट्रेनें बंद रहीं। यहां सांचौर और भीनमाल में राहत कार्यों के लिए प्रशासन के स्तर पर 25 टीमें बनाई गई हैं। (राजस्थान में बाढ़ के हालात की डिटेल खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर फिर लैंडस्लाइड, ट्रैफिक प्रभावित
मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर पिछले दिनों लैंडस्लाइड के बाद ट्रैफिक नॉर्मल हुआ ही था कि शनिवार को फिर खंडाला टनल के पास लैंडस्लाइड हो गया। शनिवार को लैंडस्लाइड अदोशी टनल से सात किमी दूर हुआ। बता दें कि 22 जुलाई को इस टनल के पास लैंडस्लाइड और रोड पर चट्टान खिसकने के कारण चार लोगों की मौत हुई थी। लैंडस्लाइड की इस घटना के बाद महाराष्ट्र के पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर ने कहा है कि अब ई-वे लंबे समय तक बंद रह सकता है। जब तक पूरी मरम्मत नहीं हो जाती तब तक इसे चालू नहीं किया जाएगा। इससे गाड़ियों को लोनावला से ओल्ड हाईवे के जरिए जाना पड़ रहा है।

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