फरीदाबाद। हरियाणा में फरीदाबाद के सुनपेड़ गांव में पूर्व रंजिश के चलते दबंगों ने सोमवार आधी रात को दलित परिवार के चार सदस्यों को जिंदा जलाने की कोशिश की। इस घटना में झुलसने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई जबकि पति-पत्नी बुरी तरह झुलस गए। यह घटना उस वक्त हुई जब गांव के अन्य लोग जागरण में बाहर गए हुए थे। बताया जा रहा है इस घटना को बदला लेने की नियत से अंजाम दिया गया। क्योंकि पिछले साल अक्टूबर में इसी गाँव में तीन और लोगों की हत्या हुई थी और उसी झगड़े के फलस्वरूप आरोपी उक्त परिवार से बदला लेने की फिराक में थे।
मिली जानकारी के अनुसार सुनपेड़ गांव में दबंगों ने पुरानी रंजिश में सोमवार की आधी रात को दलितों के एक घर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। बताया जा रहा है कि दंबगों द्वारा लगाई गई इस आग में जितेन्द्र उर्फ जीते, उसकी पत्नी रेखा, 4 साल का बेटा वैभव, 8 महीने की बेटी डिब्बो झुलस गए। घायलों को इलाज के लिए दिल्ली के सफदर जंग अस्पताल भर्ती करवाया गया, जहां वैभव और डिब्बो ने दम तोड़ दिया। वहीं पति-पत्नी की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष 5 अक्टूबर 2014 को गांव के दो पक्षों में हुए झगडेÞ में तीन लोगों की निर्दयतापूर्वक हत्या कर दी थी। तभी से गांव में तनाव का माहौल है। लिहाजा सुरक्षा की दृष्टि से गांव में तभी से पुलिस बल तैनात है। ग्रामीण दुष्यंत और विपिन की माने तो गांव के जिस मोहल्ले में आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया, इसी मोहल्ले में पुलिस की टीम मौजूद थी। गांव में रात को जागरण था, सारा गांव जागरण में था, तभी इस घटना को अंजाम दिया गया। इस संदर्भ में डीसीपी भूपिंदर सिंह का कहना है कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस को जैसे ही कोई सुराग मिलता है, वह आगे की कार्यवाही करेगा। पूरे गांव में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मामले को लेकर एससीएसटी आयोग की टीम भी गांव पहुंची।
मिली जानकारी के अनुसार सुनपेड़ गांव में दबंगों ने पुरानी रंजिश में सोमवार की आधी रात को दलितों के एक घर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। बताया जा रहा है कि दंबगों द्वारा लगाई गई इस आग में जितेन्द्र उर्फ जीते, उसकी पत्नी रेखा, 4 साल का बेटा वैभव, 8 महीने की बेटी डिब्बो झुलस गए। घायलों को इलाज के लिए दिल्ली के सफदर जंग अस्पताल भर्ती करवाया गया, जहां वैभव और डिब्बो ने दम तोड़ दिया। वहीं पति-पत्नी की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष 5 अक्टूबर 2014 को गांव के दो पक्षों में हुए झगडेÞ में तीन लोगों की निर्दयतापूर्वक हत्या कर दी थी। तभी से गांव में तनाव का माहौल है। लिहाजा सुरक्षा की दृष्टि से गांव में तभी से पुलिस बल तैनात है। ग्रामीण दुष्यंत और विपिन की माने तो गांव के जिस मोहल्ले में आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया, इसी मोहल्ले में पुलिस की टीम मौजूद थी। गांव में रात को जागरण था, सारा गांव जागरण में था, तभी इस घटना को अंजाम दिया गया। इस संदर्भ में डीसीपी भूपिंदर सिंह का कहना है कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस को जैसे ही कोई सुराग मिलता है, वह आगे की कार्यवाही करेगा। पूरे गांव में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मामले को लेकर एससीएसटी आयोग की टीम भी गांव पहुंची।
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