Wednesday, 7 October 2015

सुप्रीम कोर्ट ने आधार की अनिवार्यता पर रोक जारी रखी, मामला संविधान पीठ को सौंपा

नई दिल्ली। बुधवार को केन्द्र सरकार को आधार की अनिवार्यता मामले से सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा । सुप्रीम कोर्ट ने आधार की अनिवार्यता पर रोक जारी रखी है। सरकार सिर्फ एलपीजी सब्सिडी और पीडीएस मे आधार का उपयोग कर सकती है और किसी लाभ देने के लिए आधार अनिवार्य नहीं होगा। इसके अलावा नए बैंक खाता खोलने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने कहा कि मामला पहले ही संविधान पीठ को भेजा जा चुका है ऐसे मे अंतरिम आदेश मे बदलाव की मांग पर भी संविधान पीठ ही विचार करेगी। इसके अलावा केन्द्र सरकार और याचिकाकर्ता ने मुख्य न्यायधीश से इस मामले में जल्द से जल्द संविधान पीठ गठन करने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट में इस विषय पर कल सुनवाई होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आधार कार्ड पर सुनवाई करते हुए कहा कि हम यह देखेंगें कि निजता का अधिकार किस हद तक प्रभावित होता है। इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी।

कोर्ट में यह अपील की गई थी कि, आधार को लेकर अंतरिम आदेश में संशोधन किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश पीडीएस व्यवस्था में आधार कार्ड को अनिवार्य बनाए जाने पर दिया था। कोर्ट ने केरोसीन और एलपीजी में आधार लागू करने की इजाजत दे दी थी।

केंद्र सरकार की तरफ से अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में कहा कि देश में 92 करोड़ आधार कार्ड बनाए गए। आधार कार्ड देश के करोड़ों गरीबों तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता है। वहीं, कोर्ट का मानना है कि आधार के जरिए किसी के बेडरूम में जासूसी नहीं की जा सकती है।

वही सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री की जनधन योजना की सफलता में 'आधार' की भूमिका रही है। आधार की वजह से सरकार के एलपीजी सब्सिडी में एक साल में 15 से 20 हजार करोड़ बचाए गए। जिस कारण बूढ़े और लाचारों तक घर पर ही पेंशन पहुंच रही है। आधार नहीं होगा तो गरीब परिवार के लिए मुसीबत बढ़ जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश से सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाएं ठप हो गई हैं, अगर कोई खुद से आधार इस्तेमाल करना चाहता है। तो उसे इजाजत दी जाए। कोर्ट की इजाजत के बिना आधार के डाटा शेयर नहीं किए जाएगा।
वही आधार के समर्थन में सेबी ने अपना तर्क दिया है सेबी ने कहा है कि, हवाला और काले धन को काबू करने के लिए आधार जरूरी है। मार्केट पर नजर रखने के लिए ये प्रभावशाली रास्ता है।

आधार के समर्थन में ट्राई ने भी अपना तर्क दिया है ट्राई ने अपनी ओर से कहा, मोबाइल सिम जारी करने के लिए आधार की अनिवार्यता की जाए। इससे आतंकवादी और आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम में मदद मिलेगी।

आधार के समर्थन में आरबीआई ने कहा है कि एलपीजी, केरोसिन और पीडीएस में आधार को लिंक करने के कोर्ट ने आदेश दिए थे। ऐसे में क्या कोई अपनी मर्जी से आधार कार्ड के जरिए एकाउंट खोलना चाहता है, तो क्या करे? खास कर तब जब उसके पास आधार के अलावा कोई और दूसरा पहचान पत्र न हो उसे ऐसी परिस्थिती में क्या करना चाहिए।

दरअसल आधार की अनिवार्यता प्रतिबंधित करने से हो रही परेशानी को लेकर आरबीआई, ट्राई, सेबी और गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई है।

सुप्रीम कोर्ट से आधार कार्ड के आदेश में संशोधन करने की मांग की गई है। 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए केवल एलपीजी, केरोसिन और पीडीएस के लिए ही आधार कार्ड का इस्तेमाल की बात कहीं थी।

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