नई दिल्ली:
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मानहानि से जुड़े एक मामले में शुक्रवार
को महाराष्ट्र के कोर्ट में पेशी के लिए उपस्थित हुए। ऐसा तब है, जबकि
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कह दिया था कि उन्हें निजी तौर पर मौजूद रहने
की जरूरत नहीं है। राहुल ने कोर्ट परिसर के बाहर कहा, ''मैं जो भी कमिटमेंट
करता हूं, उसे पूरा करता हूं।''
इससे पहले, राहुल गांधी के टि्वटर अकाउंट से शुक्रवार को लिखा गया,
"राहुल ट्रायल कोर्ट के प्रति कमिटमेंट (प्रतिबद्धता) दिखाते हुए आज भिवंडी
में होंगे।"
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ महाराष्ट्र की एक
निचली अदालत में चल रहे आपराधिक मानहानि से जुड़े एक मामले में कार्यवाही
पर गुरुवार को रोक लगा दी थी। महात्मा गांधी की हत्या का आरोप कथित रूप से
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर लगाने के संबंध में राहुल के खिलाफ मानहानि का
यह मामला दाखिल किया गया है।
पार्टी सचिवों संग बैठक करेंगे राहुल
कांग्रेस उपाध्यक्ष शुक्रवार को पार्टी सचिवों के साथ बैठक कर संगठन की कार्य प्रणाली की समीक्षा करेंगे। लंबी छुट्टियों से लौटने के बाद यह राहुल गांधी की एआईसीसी सचिवों के साथ पहली बैठक होगी। बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि राहुल गांधी ने सचिवों की मौजूदा पीढ़ी को ज्यादा ताकत दी है, जिनमें से ज्यादातर युवा हैं। बैठक में राहुल गांधी सचिवों के कामकाज का जायजा लेंगे और पार्टी द्वारा केंद्र सरकार पर किए जा रहे आक्रामक हमलों को लेकर फीडबैक भी लेंगे।
कांग्रेस उपाध्यक्ष शुक्रवार को पार्टी सचिवों के साथ बैठक कर संगठन की कार्य प्रणाली की समीक्षा करेंगे। लंबी छुट्टियों से लौटने के बाद यह राहुल गांधी की एआईसीसी सचिवों के साथ पहली बैठक होगी। बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि राहुल गांधी ने सचिवों की मौजूदा पीढ़ी को ज्यादा ताकत दी है, जिनमें से ज्यादातर युवा हैं। बैठक में राहुल गांधी सचिवों के कामकाज का जायजा लेंगे और पार्टी द्वारा केंद्र सरकार पर किए जा रहे आक्रामक हमलों को लेकर फीडबैक भी लेंगे।
महासचिवों की हो सकती है शिकायत
सूत्रों के मुताबिक, एआईसीसी सचिव राहुल गांधी के साथ खुलकर हर मसले पर बातचीत करने की योजना बना रहे हैं। बताया जा रहा है कि ज्यादातर सचिव पार्टी के कुछ महासचिवों के कामकाज से खुश नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक, एआईसीसी सचिव राहुल गांधी के साथ खुलकर हर मसले पर बातचीत करने की योजना बना रहे हैं। बताया जा रहा है कि ज्यादातर सचिव पार्टी के कुछ महासचिवों के कामकाज से खुश नहीं है।
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