बठिंडा. द ग्रेट खली उर्फ दलीप सिंह राणा रविवार को बठिंडा में
आयोजित नशा छुड़ाओ कैंप में विशेष मेहमान के तौर पर पहुंचे हुए थे।
उन्होंने दैनिक भास्कर बठिंडा के दफ्तर में विशेष बातचीत में बताया कि
हिमाचल प्रदेश में लोगों की हाइट बहुत कम होती है। जबकि मेरी हाइट बहुत
ज्यादा थी। मैं अपने गांव वालों के साथ खड़ा होने में झिझकता था। फिर मैं
पंजाब आया तो देखा कि पंजाब के लोग मुझसे मिलते-जुलते हैं। पंजाब में आकर
अच्छा महसूस होता था।
मैंने जिंदगी में कभी नशा नहीं किया
खली ने कहा कि मैंने जिंदगी में कभी नशा नहीं किया। अगर मैं करता तो
शायद कभी खली नहीं बन पाता। खली ने कहा, नशे के खिलाफ प्रचार बहुत हो चुका
है। अब नशे को खत्म करने का समय है। नशा करने से अगर अकेले एक आदमी को
नुकसान होता तो मैं कभी भी नशा नहीं करने की वकालत नहीं करता। बल्कि नशा
करने वाले के साथ-साथ पूरे परिवार को नतीजा भुगतना पड़ता है। खली ने कहा,
जालंधर में खोली गई उनकी अकेडमी सीडब्ल्यूई के तीन स्टूडेंट
डब्ल्यूडब्ल्यूई के लिए सेलेक्ट हुए हैं। इसमें अमरीका के कोच युवाओं को
रेसलिंग की ट्रेनिंग दे रहे हैं।
मेरे तीन स्टूडेंट हैं डब्ल्यूडब्ल्यूई में
उन्होंने कहा कि जालंधर में खोली गई उनकी अकेडमी सीडब्ल्यूई के तीन
स्टूडेंट डब्ल्यूडब्ल्यूई के लिए सेलेक्ट हुए हैं। इसमें अमरीका के कोच
युवाओं को रेसलिंग की ट्रेनिंग दे रहे हैं। मेरी इच्छा है कि देश में
हजारों खली पैदा हों।
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