Saturday, 9 May 2015

कई किलोमीटर तक घिसटते रहे शव के टुकड़े, रौंदते रहे वाहन

जयपुर। जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर वाहनों की रफ्तार के बीच एक व्यक्ति एक-एक कर कई वाहनों से कुचलता चला गया। संवेदनहीनता की हद तो तब पार हो गई, जब वाहन चालक देखते रहे और उनके वाहनों के पहियों के नीचे इस व्यक्ति के अंग चिपकते चले गए।

मामला दौसा के पास स्थित जटवाड़ा मोड के आसपास का है। यहां शनिवार तड़के 5 बजे डीग, भरतपुर निवासी 45 वर्षीय नानकचंद जैन जयपुर से अपने घर जा रहे थे। पुलिस का कहना है कि वे किसी वाहन पर थे और संभवत: फिसलकर सड़क पर गिर गए। इसके बाद रफ्तार से आ रहे वाहनों के बीच कुचलते चले गए। उनका सिर किसी वाहन से कुचल गया था। सिर पर गहरी चोट लगने के बाद उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया, लेकिन वाहनों की रफ्तार धीमी नहीं हुई। वे उन्हें रौंदते हुए निकलते रहे।

टायरों के नीचे चिपकते गए चिथड़े
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इसके बाद भी पीछे से आ रही वाहनों की रेलमपेल चलती रही। सभी शव को रौंदते हुए आगे बढ़ते गए। उसके चिथड़े-चिथड़े हो गए। शव के हिस्से कई किलोमीटर तक वाहनों के पहियों में चिपकते हुए चलते रहे, लेकिन किसी ने भी रुककर उसे नहीं देखा। ग्रामीणों की सूचना पर बस्सी पुलिस पहुंची। पुलिस के अनुसार, जेब से निकली आईडी से उनकी पहचान हुई है। वे डीग में देहली दरवाजा, सेठी काॅलोनी निवासी केशवदेव जैन के पुत्र थे। मामले की सूचना डीग थाने पर दी गई। शव का पोस्टमार्टम करवाकर डीग से आए सिपाही और परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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