जयपुर/नई दिल्ली. राजस्थान में जारी गुर्जर आंदोलन पर हाईकोर्ट
ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य के चीफ सेक्रेटरी और पुलिस प्रमुख को
गुरुवार को तलब किया है। हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि आखिर इस आंदोलन
को इतनी छूट ही क्यों दी गई। हाईकोर्ट ने राज्य में हर तरह के ट्राफिक को
तुरंत सामान्य तौर पर बहाल करने के भी आदेश दिए हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग तुरंत शुरू करें
हाईकोर्ट ने बुधवार को इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सरकार को
आदेश दिया कि जयपुर-आगरा नेश्नल हाईवे को तुरंत खुलवाया जाए जिसे
आंदोलनकारियों ने जाम कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा, ‘हम सीएस और डीजीपी से
जानना चाहेंगे कि पिछले कुछ दिनों में आपने रेल और ट्राफिक को सामान्य
बनाने की दिशा में क्या किया? और इस आंदोलन को इतना फ्री हैंड क्यों दिया
गया।’ हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश में भरतपुर में होने वाली गैर कानूनी सभा को
भी रोकने के आदेश दिए गए हैं। आदेश में ये भी कहा गया है कि पुलिस आंदोलन
के कारण प्रभावित सभी क्षेत्रों में सामान्य स्थिती बनाने के लिए कदम उठाए।
हाईकोर्ट ने रेलवे के डीआरएम को भी अदालत में हाजिर होने के आदेश दिए हैं।
सरकार और गुर्जरों के बीच बातचीत फेल
इससे पहले गुर्जर आंदोलन को खत्म करने की एक और कोशिश बुधवार को फेल हो गई। गुर्जर नेताओं और सरकार की बेनतीजा खत्म हो गई।
बैसला को बुलाएगी सरकार
सूत्रों के मुताबिक राजस्थान सरकार अब आंदोलन को खत्म कराने के लिए
इसके नेता कर्नल किरोड़ी बैसला को बुलाने की तैयारी कर रही है। गुर्जरों की
ओर से आरक्षण संघर्ष समिति के हिम्मत सिंह गुर्जर ने आरोप लगाया कि सरकार
के पास कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार के पास केवल यही विकल्प है कि वह
गुर्जरों को इस बात के लिए मनाए कि सरकार कोर्ट में अगली सुनवाई के दौरान
अटार्नी जनरल को पक्ष रखने के लिए जरूर ले आएगी। हालांकि गुर्जर इस पर राजी
होते हैं या नहीं, यह देखना होगा।
रेलवे को लग रहा चूना
राजस्थान में चल रहे गुर्जर आंदोलन के चलते ट्रेन रूट बुरी तरह
प्रभावित हुआ है। रेलवे ने बुधवार को मुंबई से दिल्ली जाने वाली 11 ट्रेनों
को कैंसिल किया है, वहीं 4 ट्रेनों का रूट बदला गया है। आरक्षण की मांग कर
रहे गुर्जर आंदोलन के चलते ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को पिछले 6
दिन से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भरतपुर में आंदोलन के चलते
ट्रैक बाधित होने से रेलवे को 80 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो चुका है।
6 दिन में 164 ट्रेन कैंसिल हुईं
रेलवे के प्रवक्ता अनिस सक्सेना का कहना है कि गुर्जर आंदोलन की वजह
से राजधानी और गरीब रथ समेत अब तक कुल 164 ट्रेन कैंसिल हुई हैं, वहीं 109
ट्रेनों का रूट बदला जा चुका है। दिल्ली-मुंबई रूट के यात्रियों को गुर्जर
आंदोलन के चलते भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ट्रेने 10-12
घंटे की देरी से चल रही हैं।
ट्रेन कैंसिल तो किसी भी ट्रेन में चलेगा टिकट
गुर्जर आंदोलन के चलते अगर कोई ट्रेन कैंसिल होती है तो उसका टिकट उस
रूट पर चलने वाली किसी भी ट्रेन में चलेगा। यात्री को केवल स्टेशन मास्टर
से अपने मूल यात्रा टिकट पर सील लगवानी होगी। इसके बाद दूसरी ट्रेन में
उसका टिकट वैध माना जाएगा। टीसी उससे जुर्माना नहीं वसूलेगा, न ही उसे
ट्रेन में चढ़ने से रोकेगा।
रेलवे को रोजाना 15 करोड़ का नुकसान
रेलवे के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि गुर्जर आंदोलन के चलते भरतपुर
में ट्रेन रूट बाधित होने से रेलवे को रोजाना 15 करोड़ रुपए का नुकसान हो
रहा है। पश्चिम रेलवे के मुताबिक 15 से 20 मालवाहक ट्रेनें रोज कैंसिल हो
रही हैं। 21 मई से शुरू आंदोलन की वजह से कोटा मंडल को 80 करोड़ से अधिक
घाटा हुआ है। जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई तो कोयले की ढुलाई पर इसका
असर पड़ेगा।
500 लोग दे रहे हैं दिन रात पहरा
राजस्थान में सरकारी नौकरियों के लिए गुर्जर समाज 5 फीसदी अतिरिक्त
आरक्षण की मांग कर रहा है। इसके लिए गुर्जर समाज के लोगों ने भरतपुर के पास
दिल्ली-मुंबई ट्रेन रूट को बाधित कर दिया है। यहां पिछली 21 मई से बड़ी
संख्या में गुर्जर ट्रैक्टर-ट्राली लेकर पहुंचे हैं और 500 लोग दिन-रात
ट्रैक पर बैठे आंदोलनकारियों की निगरानी कर रहे हैं।
यूपी तक पहुंचा गुर्जर आंदोलन
गुर्जर आंदोलन की आग पश्चिम यूपी तक पहुंच गई है। मंगलवार को
मुजफ्फरनगर में उग्र गुर्जरों ने दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक पर धरना दिया।
इसके चलते चार घंटे तक ट्रेनों का आवागमन ठप रहा। बाद में अधिकारियों ने
इन्हें समझा बुझाकर उन्हें उठाया और यातायात बहाल कराया।
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