Friday, 22 May 2015

उपराज्यपाल को मिलते हैं प्रधानमंत्री दफ्तर से निर्देश: केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय की उस अधिसूचना पर हमला बोला, जिसमें लोक व्यवस्था और सेवा से जुड़े मामलों में उपराज्यपाल की शक्ति का उल्लेख किया गया है।

केजरीवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार आम आदमी पार्टी (आप) के अच्छे कार्यो से परेशान हो गई है।

केजरीवाल ने यहां पर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा,'भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अधिसूचना इसलिए जारी की है, क्योंकि वे आप की सरकार द्वारा किए गए अच्छे काम से परेशान हो गए हैं।'

उन्होंने कहा,'अधिकारियों की नियुक्ति और तबादले के लिए पैसे लिए जाते हैं, और अधिसूचना इसीलिए जारी की गई क्योंकि उनकी सरकार ने इसे बंद कर दिया है।'

उन्होंने कहा,'वे (भाजपा) दिल्ली में अधिकारियों के तबादले और तैनाती का अधिकार चाहते हैं, ताकि वे अपने लोगों को दिल्ली में तैनात कर सकें।'

केजरीवाल ने उपराज्यपाल पर विकास संबंधी मुद्दों पर ध्यान न देने का आरोप लगाते हुए कहा,'उनका पूरा ध्यान अधिकारियों के तबादले और नियुक्ति पर है।'

उन्होंने कहा,'हमारी उपराज्यपाल से कोई सीधी लड़ाई नहीं है। वह तो एक चेहरा हैं जिसे प्रधानमंत्री दफ्तर से निर्देश दिए जा रहे हैं।'

केजरीवाल ने हालांकि अधिसूचना का जवाब देने के संबंध में अपनी रणनीति का खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा,'हम इसे (अधिसूचना) समझ रहे हैं। इस संबंध में हमने कानूनी विशेषज्ञों की सलाह मांगी है।'

अधिसूचना गुरुवार को जारी की गई थी, लेकिन यह प्रकाश में शुक्रवार को आई। इसमें कहा गया है, 'संविधान द्वारा अंत:स्थापित अनुच्छेद 293एए (69वां संशोधन अधिनियम 1991) में कहा गया है कि संघ शासित प्रदेश दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली कहा जाएगा और इसका व्यवस्थापक उपराज्यपाल के रूप में नामित किया जाएगा।'

केजरीवाल और जंग के बीच विवाद वरिष्ठ नौकरशाह शकुंतला गैमलिन की नियुक्ति को लेकर शुरू हुआ था। उपराज्यपाल ने 15 मई को गैमलिन को कार्यवाहक मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त किया था।

केजरीवाल का आरोप है कि गैमलिन राष्ट्रीय राजधानी में बिजली वितरण कंपनियों के लिए लॉबिंग करती थीं।

संशय दूर करने के लिए अधिसूचना जारी की गई: जेटली

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार ने निर्वाचित दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल की शक्तियों के बारे में स्पष्टीकृत अधिसूचना जारी की है ताकि दोनों पक्षों के बीच विवाद नहीं रहे।

यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में जेटली ने गृह मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी अधिसूचना के बारे में कहा कि दिल्ली देश की राजधानी और केंद्र शासित प्रदेश है और प्रशासनिक ढांचा ऐसा है कि चुनी हुई सरकार को बड़े पैमाने पर शक्तियां प्राप्त हैं, जबकि केंद्र सरकार के लिए भी कुछ शक्तियां सुरक्षित रखी गई हैं।

उन्होंने कहा, ‘गृह मंत्रालय की अधिसूचना जारी हो चुकी है, इसलिए अब कोई विवाद नहीं रह गया है। केंद्र सरकार की सुरक्षित शक्तियों का इस्तेमाल उपराज्यपाल के जरिए किया जाता है। यह अधिसूचना इसलिए जारी की गई है ताकि कोई संदेह नहीं रहे।’

आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने फरवरी 2०15 में कार्यभार संभाला था। दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल नजीब जंग के बीच वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति और तबादले को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है।

अरविंद केजरीवाल पर चुटकी लेते हुए जेटली ने कहा, ‘हम नहीं चाहते कि संदेह की वजह से कार्यालयों पर ताले लगाए जाएं।’ गौरतलब है कि दिल्ली की कार्यवाहक मुख्य सचिव के रूप में शकुंतला गैमलिन की नियुक्ति के लिए उपराज्यपाल के आदेशों का पालन करने पर अरविंद केजरीवाल सरकार ने एक वरिष्ठ अधिकारी के कार्यालय पर ताला लगवा दिया था।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने की केंद्र सरकार की जिम्मेदारी थी, ताकि दिल्ली सरकार उचित रूप से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह कर सकें।

गृह मंत्रालय की 21 मई को जारी और 22 मई को सामने आई इस अधिसूचना में कहा गया है कि दिल्ली केंद्र शासित क्षेत्र है और उपराज्यपाल यहां के प्रशासक। इस वजह से उन्हें यहां सार्वजनिक व्यवस्था एवं सेवा के मामलों में अधिकार प्राप्त हैं।

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