एक जून से जनता पर महंगाई की मार पड़ने वाली है। जहां एक ओर सर्विस टैक्स
बढ़ने वाला है वहीं दूसरी ओर ट्रेन के AC कोच में सफर करना भी महंगा हो
जाएगा।
गौरतलब है कि आम बजट में सेवाकर को 12 से बढ़ा कर 14 फीसदी कर दिया गया था। बढी हुई दरें एक जून से लागू होंगी। इसी के मद्देनज़र रेलवे ने भी 3.6 की बजाय 4.2 की दर से सेवाकर लेने का फैसला किया है।
आइए पहले आपको बताते हैं कि ट्रेन का सफर कितना महंगा हो जाएगा
एक जून से रेलयात्रियों की जेब ढीली होगी। रेलवे किराया, खानपान, माल ढुलाई व पार्सल पर 4.2 फीसदी की दर से सेवा कर लगाने जा रहा है। एसी व प्रथम श्रेणी में किराया, खाना व बोलतबंद पानी महंगे हो जाएंगे। इसके अलावा पार्सल वैन व मालगाडियों से ढुलाई की जाने वाली वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाएंगी।
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आम बजट में 12 से बढ़ाकर 14 फीसदी सेवा कर की घोषणा की गई थी। इसके बाद रेलवे ने पहली जून से रेल किराये व अन्य सभी वस्तुओं पर 3.6 की बजाय 4.2 फीसदी की दर से सेवा कर लगाने का फैसला किया है।
इससे एसी-1, 2, 3, चेयरकार व एक्जीयूक्टिव क्लास का किराया बढ़ेगा। स्लीपर व जनरल श्रेणी का किराया नहीं बढ़ेगा। बोर्ड के यातायात वाणिज्य प्रबंधक एस के अहिरवार की ओर से 26 मई को ही पत्र जारी कर सभी जोनल रेलवे को इस संबंध में सूचना दे दी गई है।
यात्री ने एडवांस बुकिंग कर रखी है लेकिन सफर एक जून से करेगा तो उसे बढ़ा हुआ किराया देना होगा। माल ढुलाई पर 4.2 फीसदी सेवा कर लगने से सीमेंट, कोयला, लौह अयस्क, खाद्यान्न, मांस, मछली आदि के दाम बढ़ जाएंगे।
अब जान लीजिए कि क्या क्या हो जाएगा महंगा
यूं तो काफी कुछ महंगा होने वाला है लेकिन जो चीजें सबसे ज्यादा आप पर बोझ बनने वाली हैं वो हैं- रेस्टोरेंट में खाना, मोबाइल का बिल, बीमा प्रीमियम और फिल्म देखना।
सेवा कर एक छोटी नकारात्मक सूची के अलावा सभी सेवाओं पर लगाया जाता है। विज्ञापन, हवाई यात्रा, आर्किटेक्ट की सेवाएं, कुछ प्रकार के निर्माण, क्रेडिट कार्ड, कार्यक्रम प्रबंधन, टूर आपरेटर जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं पर सेवा कर लगता है।
गौरतलब है कि आम बजट में सेवाकर को 12 से बढ़ा कर 14 फीसदी कर दिया गया था। बढी हुई दरें एक जून से लागू होंगी। इसी के मद्देनज़र रेलवे ने भी 3.6 की बजाय 4.2 की दर से सेवाकर लेने का फैसला किया है।
आइए पहले आपको बताते हैं कि ट्रेन का सफर कितना महंगा हो जाएगा
एक जून से रेलयात्रियों की जेब ढीली होगी। रेलवे किराया, खानपान, माल ढुलाई व पार्सल पर 4.2 फीसदी की दर से सेवा कर लगाने जा रहा है। एसी व प्रथम श्रेणी में किराया, खाना व बोलतबंद पानी महंगे हो जाएंगे। इसके अलावा पार्सल वैन व मालगाडियों से ढुलाई की जाने वाली वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाएंगी।
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आम बजट में 12 से बढ़ाकर 14 फीसदी सेवा कर की घोषणा की गई थी। इसके बाद रेलवे ने पहली जून से रेल किराये व अन्य सभी वस्तुओं पर 3.6 की बजाय 4.2 फीसदी की दर से सेवा कर लगाने का फैसला किया है।
इससे एसी-1, 2, 3, चेयरकार व एक्जीयूक्टिव क्लास का किराया बढ़ेगा। स्लीपर व जनरल श्रेणी का किराया नहीं बढ़ेगा। बोर्ड के यातायात वाणिज्य प्रबंधक एस के अहिरवार की ओर से 26 मई को ही पत्र जारी कर सभी जोनल रेलवे को इस संबंध में सूचना दे दी गई है।
यात्री ने एडवांस बुकिंग कर रखी है लेकिन सफर एक जून से करेगा तो उसे बढ़ा हुआ किराया देना होगा। माल ढुलाई पर 4.2 फीसदी सेवा कर लगने से सीमेंट, कोयला, लौह अयस्क, खाद्यान्न, मांस, मछली आदि के दाम बढ़ जाएंगे।
अब जान लीजिए कि क्या क्या हो जाएगा महंगा
यूं तो काफी कुछ महंगा होने वाला है लेकिन जो चीजें सबसे ज्यादा आप पर बोझ बनने वाली हैं वो हैं- रेस्टोरेंट में खाना, मोबाइल का बिल, बीमा प्रीमियम और फिल्म देखना।
सेवा कर एक छोटी नकारात्मक सूची के अलावा सभी सेवाओं पर लगाया जाता है। विज्ञापन, हवाई यात्रा, आर्किटेक्ट की सेवाएं, कुछ प्रकार के निर्माण, क्रेडिट कार्ड, कार्यक्रम प्रबंधन, टूर आपरेटर जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं पर सेवा कर लगता है।
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