केंद्र सरकार ने विपक्ष के दबाव को दरकिनार करते हुए भूमि अधिग्रहण
अध्यादेश को फिर से लागू किये जाने की सिफारिश की है। यह फैसला आज केंद्रीय
मंत्रिमंडल की एक बैठक में लिया गया है, इसके साथ ही भूमि अध्यादेश तीसरी
बार लागू किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
भूमि अध्यादेश पहली बार पिछले वर्ष दिसंबर को लागू किया गया था ताकि साल 2013 के भूमि कानून में संशोधन किया जा सके। इस अध्यादेश के बदले संबंधित विधेयक लोकसभा में पारित होने के बावजूद सरकार संख्याबल की कमी के कारण उसे राज्यसभा में नहीं ला सकी।
यह अध्यादेश इस साल मार्च में दोबारा लागू किया गया था और चार जून को इसकी समयसीमा समाप्त हो जायेगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल की इस सिफारिश को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पास मंजूरी के लिए भेजा जायेगा।
भूमि अध्यादेश पहली बार पिछले वर्ष दिसंबर को लागू किया गया था ताकि साल 2013 के भूमि कानून में संशोधन किया जा सके। इस अध्यादेश के बदले संबंधित विधेयक लोकसभा में पारित होने के बावजूद सरकार संख्याबल की कमी के कारण उसे राज्यसभा में नहीं ला सकी।
यह अध्यादेश इस साल मार्च में दोबारा लागू किया गया था और चार जून को इसकी समयसीमा समाप्त हो जायेगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल की इस सिफारिश को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पास मंजूरी के लिए भेजा जायेगा।
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