नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े कदम बढ़ा रही है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2014-19 तक 10,000 मेगावॉट की परियोजनाएं लगाने का है। अक्षय ऊर्जा मंत्रालय ने 15,000 मेगावॉट क्षमता की सौर बिजली परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एनटीपीसी को नोडल एजेंसी बनाया है। इसके अलावा कंपनी ने सभी नई ताप बिजली परियोजनाओं में रूफ-टॉप सोलर प्लांट लगाने का भी फैसला किया है।
इन्वेस्टर्स मीट में एनटीपीसी को 506 मेगावॉट के सौर ऊर्जा पावर प्लांट लगाने के प्रस्ताव मिले हैं। इन पर करीब 3542 करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा। इस अवसर पर ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे ने कहा कि झारखंड में साल 2020 तक 2000 मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा पावर प्लांट लगाये जाने हैं। इसीलिए सौर ऊर्जा नीति बनायी गयी है। भारत सरकार ने 2020 तक एक लाख मेगावॉट उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। श्री रहाटे ने कहा कि झारखंड में इसकी ज्यादा संभावना है। यहां साल में 300 दिन धूप रहती है. यहां निवेशक सोलर पावर प्लांट के साथ-साथ सोलर पार्क भी लगा सकते ह। इसके लिए भी नीति में प्रावधान किया गया है।
ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव डीके तेवतिया ने कहा कि सौर ऊर्जा क्षेत्र के निवेशकों के लिए जेरेडा नोडल एजेंसी और सिंगल विंडों के रूप में काम करेगा। निवेशकों को क्लीयरेंस में परेशानी नहीं होगी। निवेशक यहां प्लांट लगाये। सरकार सहयोग करेगी। जेरेडा के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने प्रजेंटेशन के माध्यम से सोलर पावर पॉलिसी के बाबत विस्तार से जानकारी दी और निवेशकों के सवालों का जवाब भी दिया। उन्होंने बताया कि झारखंड 6.8 लाख हेक्टेयर वेस्ट लैंड हैं जहां पावर प्लांट लगाये जा सकते हैं। राजश्री जयंती ने किया कार्यक्रम का संचालन किया।
वाणिज्य कर विभाग की सचिव निधि खरे ने कहा कि गुजरात मॉडल की तरह यहां सोलर पावर प्लांट लगाये जा सकते हैं। गुजरात में नहरों के किनारे सोलर पावर प्लांट लगाये गये हैं. यहां भी स्वर्णरेखा नदी है, जहां सोलर पावर प्लांट लगाये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने जा रहा है, इसके अनुरूप निवेशकों को सुविधाएं भी मिलेंगी।
सरकार ने सौर ऊर्जा के निवेशकों को कई छूट देने की घोषणा की गयी है। इसमें 10 वर्षो तक इलेक्ट्रिसिटी डय़ूटी में छूट देने का प्रावधान है। सोलर प्लांट को डिम्ड इंडस्ट्रीज का दर्जा दिया जायेगा। साथ ही उद्योग नीति के प्रावधानों के तहत लाभ भी दिये जायेंगे। सोलर प्लांट को कन्वर्सन चाजर्, वैट, इंट्री टैक्स, व्हीलिंग चाजर्, क्रास सब्सिडी सरचार्ज से मुक्त रखा गया है। ऊर्जा को शत प्रतिशत बैंकिंग की छूट दी गयी है। थर्ड पार्टी सेल की सुविधा भी दी गयी है. साथ ही प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के एनओसी से मुक्त रखा गया है।
इन्वेस्टर्स मीट में एनटीपीसी को 506 मेगावॉट के सौर ऊर्जा पावर प्लांट लगाने के प्रस्ताव मिले हैं। इन पर करीब 3542 करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा। इस अवसर पर ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे ने कहा कि झारखंड में साल 2020 तक 2000 मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा पावर प्लांट लगाये जाने हैं। इसीलिए सौर ऊर्जा नीति बनायी गयी है। भारत सरकार ने 2020 तक एक लाख मेगावॉट उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। श्री रहाटे ने कहा कि झारखंड में इसकी ज्यादा संभावना है। यहां साल में 300 दिन धूप रहती है. यहां निवेशक सोलर पावर प्लांट के साथ-साथ सोलर पार्क भी लगा सकते ह। इसके लिए भी नीति में प्रावधान किया गया है।
ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव डीके तेवतिया ने कहा कि सौर ऊर्जा क्षेत्र के निवेशकों के लिए जेरेडा नोडल एजेंसी और सिंगल विंडों के रूप में काम करेगा। निवेशकों को क्लीयरेंस में परेशानी नहीं होगी। निवेशक यहां प्लांट लगाये। सरकार सहयोग करेगी। जेरेडा के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने प्रजेंटेशन के माध्यम से सोलर पावर पॉलिसी के बाबत विस्तार से जानकारी दी और निवेशकों के सवालों का जवाब भी दिया। उन्होंने बताया कि झारखंड 6.8 लाख हेक्टेयर वेस्ट लैंड हैं जहां पावर प्लांट लगाये जा सकते हैं। राजश्री जयंती ने किया कार्यक्रम का संचालन किया।
वाणिज्य कर विभाग की सचिव निधि खरे ने कहा कि गुजरात मॉडल की तरह यहां सोलर पावर प्लांट लगाये जा सकते हैं। गुजरात में नहरों के किनारे सोलर पावर प्लांट लगाये गये हैं. यहां भी स्वर्णरेखा नदी है, जहां सोलर पावर प्लांट लगाये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने जा रहा है, इसके अनुरूप निवेशकों को सुविधाएं भी मिलेंगी।
सरकार ने सौर ऊर्जा के निवेशकों को कई छूट देने की घोषणा की गयी है। इसमें 10 वर्षो तक इलेक्ट्रिसिटी डय़ूटी में छूट देने का प्रावधान है। सोलर प्लांट को डिम्ड इंडस्ट्रीज का दर्जा दिया जायेगा। साथ ही उद्योग नीति के प्रावधानों के तहत लाभ भी दिये जायेंगे। सोलर प्लांट को कन्वर्सन चाजर्, वैट, इंट्री टैक्स, व्हीलिंग चाजर्, क्रास सब्सिडी सरचार्ज से मुक्त रखा गया है। ऊर्जा को शत प्रतिशत बैंकिंग की छूट दी गयी है। थर्ड पार्टी सेल की सुविधा भी दी गयी है. साथ ही प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के एनओसी से मुक्त रखा गया है।
नई
दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन
(एनटीपीसी) अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े कदम बढ़ा रही है। कंपनी का
लक्ष्य वर्ष 2014-19 तक 10,000 मेगावॉट की परियोजनाएं लगाने का है। अक्षय
ऊर्जा मंत्रालय ने 15,000 मेगावॉट क्षमता की सौर बिजली परियोजनाओं के
क्रियान्वयन के लिए एनटीपीसी को नोडल एजेंसी बनाया है। इसके अलावा कंपनी ने
सभी नई ताप बिजली परियोजनाओं में रूफ-टॉप सोलर प्लांट लगाने का भी फैसला
किया है।
इन्वेस्टर्स मीट में एनटीपीसी को 506 मेगावॉट के सौर ऊर्जा पावर प्लांट लगाने के प्रस्ताव मिले हैं। इन पर करीब 3542 करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा। इस अवसर पर ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे ने कहा कि झारखंड में साल 2020 तक 2000 मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा पावर प्लांट लगाये जाने हैं। इसीलिए सौर ऊर्जा नीति बनायी गयी है। भारत सरकार ने 2020 तक एक लाख मेगावॉट उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। श्री रहाटे ने कहा कि झारखंड में इसकी ज्यादा संभावना है। यहां साल में 300 दिन धूप रहती है. यहां निवेशक सोलर पावर प्लांट के साथ-साथ सोलर पार्क भी लगा सकते ह। इसके लिए भी नीति में प्रावधान किया गया है।
ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव डीके तेवतिया ने कहा कि सौर ऊर्जा क्षेत्र के निवेशकों के लिए जेरेडा नोडल एजेंसी और सिंगल विंडों के रूप में काम करेगा। निवेशकों को क्लीयरेंस में परेशानी नहीं होगी। निवेशक यहां प्लांट लगाये। सरकार सहयोग करेगी। जेरेडा के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने प्रजेंटेशन के माध्यम से सोलर पावर पॉलिसी के बाबत विस्तार से जानकारी दी और निवेशकों के सवालों का जवाब भी दिया। उन्होंने बताया कि झारखंड 6.8 लाख हेक्टेयर वेस्ट लैंड हैं जहां पावर प्लांट लगाये जा सकते हैं। राजश्री जयंती ने किया कार्यक्रम का संचालन किया।
वाणिज्य कर विभाग की सचिव निधि खरे ने कहा कि गुजरात मॉडल की तरह यहां सोलर पावर प्लांट लगाये जा सकते हैं। गुजरात में नहरों के किनारे सोलर पावर प्लांट लगाये गये हैं. यहां भी स्वर्णरेखा नदी है, जहां सोलर पावर प्लांट लगाये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने जा रहा है, इसके अनुरूप निवेशकों को सुविधाएं भी मिलेंगी।
सरकार ने सौर ऊर्जा के निवेशकों को कई छूट देने की घोषणा की गयी है। इसमें 10 वर्षो तक इलेक्ट्रिसिटी डय़ूटी में छूट देने का प्रावधान है। सोलर प्लांट को डिम्ड इंडस्ट्रीज का दर्जा दिया जायेगा। साथ ही उद्योग नीति के प्रावधानों के तहत लाभ भी दिये जायेंगे। सोलर प्लांट को कन्वर्सन चाजर्, वैट, इंट्री टैक्स, व्हीलिंग चाजर्, क्रास सब्सिडी सरचार्ज से मुक्त रखा गया है। ऊर्जा को शत प्रतिशत बैंकिंग की छूट दी गयी है। थर्ड पार्टी सेल की सुविधा भी दी गयी है. साथ ही प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के एनओसी से मुक्त रखा गया है।
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ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव डीके तेवतिया ने कहा कि सौर ऊर्जा क्षेत्र के निवेशकों के लिए जेरेडा नोडल एजेंसी और सिंगल विंडों के रूप में काम करेगा। निवेशकों को क्लीयरेंस में परेशानी नहीं होगी। निवेशक यहां प्लांट लगाये। सरकार सहयोग करेगी। जेरेडा के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने प्रजेंटेशन के माध्यम से सोलर पावर पॉलिसी के बाबत विस्तार से जानकारी दी और निवेशकों के सवालों का जवाब भी दिया। उन्होंने बताया कि झारखंड 6.8 लाख हेक्टेयर वेस्ट लैंड हैं जहां पावर प्लांट लगाये जा सकते हैं। राजश्री जयंती ने किया कार्यक्रम का संचालन किया।
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सरकार ने सौर ऊर्जा के निवेशकों को कई छूट देने की घोषणा की गयी है। इसमें 10 वर्षो तक इलेक्ट्रिसिटी डय़ूटी में छूट देने का प्रावधान है। सोलर प्लांट को डिम्ड इंडस्ट्रीज का दर्जा दिया जायेगा। साथ ही उद्योग नीति के प्रावधानों के तहत लाभ भी दिये जायेंगे। सोलर प्लांट को कन्वर्सन चाजर्, वैट, इंट्री टैक्स, व्हीलिंग चाजर्, क्रास सब्सिडी सरचार्ज से मुक्त रखा गया है। ऊर्जा को शत प्रतिशत बैंकिंग की छूट दी गयी है। थर्ड पार्टी सेल की सुविधा भी दी गयी है. साथ ही प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के एनओसी से मुक्त रखा गया है।
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दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन
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लक्ष्य वर्ष 2014-19 तक 10,000 मेगावॉट की परियोजनाएं लगाने का है। अक्षय
ऊर्जा मंत्रालय ने 15,000 मेगावॉट क्षमता की सौर बिजली परियोजनाओं के
क्रियान्वयन के लिए एनटीपीसी को नोडल एजेंसी बनाया है। इसके अलावा कंपनी ने
सभी नई ताप बिजली परियोजनाओं में रूफ-टॉप सोलर प्लांट लगाने का भी फैसला
किया है।
इन्वेस्टर्स मीट में एनटीपीसी को 506 मेगावॉट के सौर ऊर्जा पावर प्लांट लगाने के प्रस्ताव मिले हैं। इन पर करीब 3542 करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा। इस अवसर पर ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे ने कहा कि झारखंड में साल 2020 तक 2000 मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा पावर प्लांट लगाये जाने हैं। इसीलिए सौर ऊर्जा नीति बनायी गयी है। भारत सरकार ने 2020 तक एक लाख मेगावॉट उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। श्री रहाटे ने कहा कि झारखंड में इसकी ज्यादा संभावना है। यहां साल में 300 दिन धूप रहती है. यहां निवेशक सोलर पावर प्लांट के साथ-साथ सोलर पार्क भी लगा सकते ह। इसके लिए भी नीति में प्रावधान किया गया है।
ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव डीके तेवतिया ने कहा कि सौर ऊर्जा क्षेत्र के निवेशकों के लिए जेरेडा नोडल एजेंसी और सिंगल विंडों के रूप में काम करेगा। निवेशकों को क्लीयरेंस में परेशानी नहीं होगी। निवेशक यहां प्लांट लगाये। सरकार सहयोग करेगी। जेरेडा के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने प्रजेंटेशन के माध्यम से सोलर पावर पॉलिसी के बाबत विस्तार से जानकारी दी और निवेशकों के सवालों का जवाब भी दिया। उन्होंने बताया कि झारखंड 6.8 लाख हेक्टेयर वेस्ट लैंड हैं जहां पावर प्लांट लगाये जा सकते हैं। राजश्री जयंती ने किया कार्यक्रम का संचालन किया।
वाणिज्य कर विभाग की सचिव निधि खरे ने कहा कि गुजरात मॉडल की तरह यहां सोलर पावर प्लांट लगाये जा सकते हैं। गुजरात में नहरों के किनारे सोलर पावर प्लांट लगाये गये हैं. यहां भी स्वर्णरेखा नदी है, जहां सोलर पावर प्लांट लगाये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने जा रहा है, इसके अनुरूप निवेशकों को सुविधाएं भी मिलेंगी।
सरकार ने सौर ऊर्जा के निवेशकों को कई छूट देने की घोषणा की गयी है। इसमें 10 वर्षो तक इलेक्ट्रिसिटी डय़ूटी में छूट देने का प्रावधान है। सोलर प्लांट को डिम्ड इंडस्ट्रीज का दर्जा दिया जायेगा। साथ ही उद्योग नीति के प्रावधानों के तहत लाभ भी दिये जायेंगे। सोलर प्लांट को कन्वर्सन चाजर्, वैट, इंट्री टैक्स, व्हीलिंग चाजर्, क्रास सब्सिडी सरचार्ज से मुक्त रखा गया है। ऊर्जा को शत प्रतिशत बैंकिंग की छूट दी गयी है। थर्ड पार्टी सेल की सुविधा भी दी गयी है. साथ ही प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के एनओसी से मुक्त रखा गया है।
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वाणिज्य कर विभाग की सचिव निधि खरे ने कहा कि गुजरात मॉडल की तरह यहां सोलर पावर प्लांट लगाये जा सकते हैं। गुजरात में नहरों के किनारे सोलर पावर प्लांट लगाये गये हैं. यहां भी स्वर्णरेखा नदी है, जहां सोलर पावर प्लांट लगाये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने जा रहा है, इसके अनुरूप निवेशकों को सुविधाएं भी मिलेंगी।
सरकार ने सौर ऊर्जा के निवेशकों को कई छूट देने की घोषणा की गयी है। इसमें 10 वर्षो तक इलेक्ट्रिसिटी डय़ूटी में छूट देने का प्रावधान है। सोलर प्लांट को डिम्ड इंडस्ट्रीज का दर्जा दिया जायेगा। साथ ही उद्योग नीति के प्रावधानों के तहत लाभ भी दिये जायेंगे। सोलर प्लांट को कन्वर्सन चाजर्, वैट, इंट्री टैक्स, व्हीलिंग चाजर्, क्रास सब्सिडी सरचार्ज से मुक्त रखा गया है। ऊर्जा को शत प्रतिशत बैंकिंग की छूट दी गयी है। थर्ड पार्टी सेल की सुविधा भी दी गयी है. साथ ही प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के एनओसी से मुक्त रखा गया है।
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