Saturday, 2 May 2015

बेटी की मां बनी केट, ब्रिटिश इकोनॉमी को तत्‍काल होगा 800 करोड़ रु. का फायदा

लंदन। शनिवार को केट मिडिलटन और प्रिंस विलियम की बेटी हुई। ब्रिटेन के आर्थिक जानकारों का अनुमान है कि उनक दूसरी संतान के आने से ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में तुरंत 800 करोड़ रुपए आएंगे। इसका आधार है दो साल पहले हुआ प्रिंस जॉर्ज का जन्म। तब रॉयल बेबी की वजह से ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में सालभर में 2500 करोड़ रुपए का उछाल आया था।
स्थानीय समयानुसार, केट ने शनिवार सुबह आठ बजकर 34 मिनट पर बच्ची को जन्म दिया।पैलेस की ओर से बयान जारी कर इसका आधिकारिक एेलान किया गया।
प्रिंस विलियम और डचेस ऑफ कैंब्रिज (केट मिडलटन को दी गई शाही उपाधि) की शादी अप्रैल 2011 में हुई थी। जुलाई, 2013 में उनकी पहली संतान (प्रिंस जॉर्ज) पैदा हुई थी। तब केट के प्रेग्‍नेंट होने की बात सार्वजनिक नहीं की गई थी। लेकिन, इस बार 9 अप्रैल को ही बकिंघम पैलेस ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मीडिया को बता दिया गया था, "शाही परिवार में नया मेहमान आने वाला है।"
इकोनॉमी में तुरंत 800 और साल भर में 1500 करोड़ रुपए आएंगे
ब्रिटेन के सेंटर फॉर रिटेल रिसर्च के डायरेक्टर प्रोफेसर जोशुआ बामफील्ड के मुताबिक, चूंकि रॉयल प्रिंसेस ने जन्म लिया है इसलिए ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में तुरंत 800 करोड़ रुपए आएंगे। सालभर में 1500 करोड़ रुपए अाने की उम्मीद है। सबसे ज्यादा फायदा फैशन रिटेलर्स को होने वाला है। 300 करोड़ रुपए का कारोबार सिर्फ सॉवनिर्स का होगा। बाकी की रकम ब्रिटेनवासी रॉयल प्रिंसेस के आने के जश्न में खर्च कर देंगे। ब्रिटेन के इकोनॉमिस्ट तो यह भी बता रहे हैं कि रॉयल प्रिंसेस 25 से 30 तक की उम्र तक फैशन जैसे सेक्टर्स को 100 अरब रुपए का बूस्ट दे जाएंगी। यह अनुमान इससे कम होता अगर केट और िवलियम बेटे को जन्म देते।
रॉयल प्रिंसेस के नाम पर क्या-क्या मार्केट में आएगा?
सेंटर फॉर रिटेल रिसर्च के मुताबिक, रॉयल प्रिंसेस के नाम या चिह्न का इस्तेमाल कर बच्चों के गारमेंट्स की सेल भी बढ़ेगी। रॉयल प्रिंसेस सालभर में जो कुछ पहने नजर आएगी, वह ब्रिटेनभर के बच्चों के लिए फैशन ट्रेंड बन जाएगा। हम प्रिंस जॉर्ज के जन्म के वक्त देख चुके हैं कि कुछ लोगों ने सिर्फ बच्चों का फैशन प्रमोट करने के लिए कंपनी बना ली थी। इसके अलावा कप्स, प्लेट्स, मग्ज़, टाॅयज़, पॉटरी, मदरकेयर, बेबीकेयर का बिजनेस भी रॉयल प्रिंसेस के नाम से बढ़ेगा।
प्रिंस जॉर्ज के आने से ब्रिटेन की इकोनॉमी को कितनी मिली थी मदद?
केट मिडिलटन ने जुलाई 2013 में प्रिंस जॉर्ज को जन्म दिया था। तब सालभर में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में 2500 करोड़ रुपए का उछाल आया था। उस वक्त भी सेंटर फॉर रिटेल रिसर्च ने इस बारे में स्टडी की थी। इस स्टडी के मुताबिक 48 लाख लोगों ने रॉयल प्रिंस के जन्म लेने के बाद शराब पीकर जश्न मनाया था। इस पर ब्रिटेन के लोगों ने 600 करोड़ रुपए सालभर में खर्च कर दिए थे। इसी तरह 250 करोड़ रुपए अन्य पार्टियों पर खर्च हुए थे। ब्रिटेन के टूरिज्म में तुरंत 13% का इजाफा हुआ था। 1500 करोड़ रुपए का कारोबार सॉवनिर्स का था।
प्रिंस विलियम के आने के बाद बढ़ी थी जन्म दर
ब्रिटेन के इकोनामिक रिसर्च इंस्टिट्यूट आईएचएस ग्लोबल इनसाइट के मुताबिक, रॉयल फैमिली में किसी भी बच्चे के जन्म लेने से इकोनॉमी के अलावा भी ब्रिटेन पर असर पड़ता है। 1982 में जब प्रिंस विलियम ने जन्म लिया था, उसके बाद 10 साल तक देश की जन्म दर में इजाफा हुआ था। जबकि ब्रिटेन में 1972 से 1982 के बीच जन्म दर घट रही थी।

1 comment:

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