बॉलीवुड
में अपने दम पर फिल्में करने वाली नेशनल पुरस्कार विजेता कंगना रनौत
दीपिका पादुकोण की हालिया रिलीज वीडियो 'माई च्वाइस' में महिला सशक्तीकरण
के लिए दिए संदेश को गलत मान रही हैं.
कंगना का मानना है कि महिला सशक्तीकरण
का मतलब सेक्सी बनना नहीं है. कंगना ने कहा कि महिला सशक्तीकरण का मतलब
पुरुषों में हीन भावना पैदा करना नहीं है.
फिल्म 'क्वीन' में खुद को पुरुषों से
कम नहीं मानने वाली साधारण लड़की की भूमिका निभाने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री
कंगना ने कहा कि यदि सशक्तीकरण का मतलब हीन भावना ही पैदा करना है तो ऐसे
में पुरुषों को 20 साल लग जाएंगे. उन्होंने कहा सशक्तीकरण का ताल्लुक एक
इंसान के तौर पर खुद को विकसित करना है.
दीपिका पादुकोण के इस वीडियो को लेकर हर
ओर चर्चा हो रही है. एक तरफ जहां बॉलीवुड के अमिताभ बच्चन, शबाना आजमी,
ऋषि कपूर जैसे स्टार इस ढाई मिनट के वीडियो की सराहना कर रहे हैं तो दूसरी
ओर सोनाक्षी सिन्हा, सोनम कपूर और कंगना रानौत जैसी सिने अभिनेत्री इसे
सही मायने में सशक्तीकरण नहीं मानतीं
वोग मैग्जिन के लिए होमी अदजानिया
निर्देशित 'माय च्वाइस' वीडियो में 98 महिलाओं को दिखाया गया है. वीडियो
में दीपिका ने महिलाओं के कपड़े, उनके संबंधों और उनकी आजादी को लेकर बातें
की हैं. दूसरी ओर इस वीडियो के रिस्पांस में कई और वीडियो सोशल मीडिया पर
छा गए हैं, जिसमें पुरुषों की आजादी की बात कही गयी है.
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