लेकीपिया। केन्या के ओल पेजेटा वन्य पशु अभयारण्य में एक
नार्दर्न व्हाइट राइनो (गैंडे) की सुरक्षा के लिए हथियारबंद रेंजर्स की
तैनाती की गई है। ये रेंजर्स 24 घंटे इसकी हिफाजत करते हैं। सूडान नाम का
यह गैंडा धरती पर अपनी प्रजाति का आखिरी नर है। 43 साल का यह गैंडा अपनी
प्रजाति को आगे बढ़ाने की आखिरी उम्मीद है। ऐसे में शिकारियों से सुरक्षा
के लिए इसके आसपास रेंजर्स तैनात किए गए हैं। दुनिया में अब इस प्रजाति के
सिर्फ चार ही बचे हैं। इसमें से एक नर और दो मादा गैंडे केन्या में ही हैं।
वहीं, एक मादा अमेरिका के सैन डिएगा सफारी में है।
सींग हटाया गया
इसके शरीर पर रेडियो ट्रांसमीटर भी लगाया गया है। एहतियात के तौर पर
इसकी सींग भी निकाल दिया गया है। सींग हटाने को लेकर अभयारण्य के सदस्य का
कहना है, ''शिकारियों से उसकी सुरक्षा के मकसद से सींग हटाया गया है,
क्योंकि बिना सींग वाले राइनो में शिकारियों की कोई रुचि नहीं होती है।''
इंटरनेशनल फंड फॉर एनिमल वेलफेयर के मुताबिक, इस वक्त राइनो के सींग की
कीमत 36 लाख से 43 लाख रुपए प्रति किलो है।
ब्रीडिंग के प्रयास नाकाम
सूडान को 2009 में अपनी ही प्रजाति की दो मादा राइनो के साथ चेक
रिपब्लिक के एक जू से केन्या लाया गया था। केन्या के ओल पेजेटा को राइनो के
संरक्षण में विशेषज्ञता हासिल है। साथ ही, राइनो को लेकर इसका ब्रीडिंग
प्रोग्राम भी काफी सफल रहा है, इसीलिए सूडान को यहां रखने का फैसला किया
गया। सूडान के लिए चलाया गया ब्रीडिंग प्रोग्राम अब तक असफल ही साबित हुआ।
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