Monday, 6 April 2015

भारत में तेजी से बढ़ी अमीरों की संख्या, इन शहरों में रहते हैं सबसे ज्यादा रईस

नई दिल्ली. बड़े अमीरों की संख्या में बढ़ोतरी के लिहाज से एशिया प्रशांत के 20 प्रमुख शहरों में मुंबई-दिल्ली समेत सात भारतीय शहर भी शामिल हैं। न्यू वर्ल्ड वैल्थ ने अपनी एक रिपोर्ट में दिसंबर 2014 को खत्म हुए दशक के लिए एशिया प्रशांत क्षेत्र के 20 शहरों की सूची जारी की है। इसमें पुणे, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली मुंबई शहर शामिल हैं। इस लिस्ट में वियतनाम की हो ची मिन सिटी को पहले स्थान पर रखा गया है। इस रिपोर्ट में बड़े अमीर (एचएनडब्ल्यूआई) उस व्यक्ति को माना गया है, जिसकी शुद्ध संपत्ति 10 लाख डॉलर (करीब 6.25 करोड़ रुपए) या इससे अधिक है। मल्टी मिलियनेयर श्रेणी के लिए शुद्ध संपत्ति कम से कम एक करोड़ डॉलर (करीब 62.50 करोड़ रुपए) मानी गई है।
दुनिया में अमेरिका पहले नंबर पर
1, 83,500 सुपर-रिच के साथ अमेरिका दुनिया में पहले नंबर पर है। इसके बाद 26,600 सुपर रिच लोगों के साथ चीन दूसरे और 25,400 के साथ जर्मनी तीसरे नंबर पर है। एक दशक के दौरान दुनियाभर में मल्टी-मिलियनेयरों की तादात 71 फीसदी बढ़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक शहरों के लिहाज से दुनिया में हांगकांग में सबसे अधिक मल्टी-मिलियनेयर रहते हैं। इसके बाद न्यूयॉर्क और लंदन का क्रम है।
भारत आठवें नंबर पर
दुनिया में 1.3 करोड़ से ज्यादा मिलियनेयर हैं। करीब 4.95 लाख लोग मल्टी-मिलियनेयर की श्रेणी में रखा गया है। भारत को14,800 मल्टी-मिलियनेयरों के साथ सूची में 8वीं रैंक दी गई है।

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