नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी से
सोमवार को निकाले जाने के बाद संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे प्रशांत भूषण
ने मंगलवार को 'आप' पर हमला किया।पार्टी से बाहर निकाले जाने के फैसले पर
उन्होंने कहा कि उनके निष्कासन को लेकर जो पत्र उनको मिले हैं, उसमें इस
बात की जिक्र ही नहीं है कि कारण बताओ नोटिस का जवाब देने वाला बातों में
कौन से बिंदू विरोधाभाषी थे।उन्होंने कहा कि यह पूरा ड्रामा 2 महीने पूर्व
शुरु हुआ था, जब उन लोगों को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकालने का प्रयास
किया गया था। भगवान का शुक्र है कि उस ड्रामे का अंत हो गया।भूषण ने कहा कि
दुर्भाग्यवश सभी सपने बिखरे हुए प्रतीत होते हैं। एक तानाशाह आज पूरी
पार्टी पर नियंत्रण स्थापित किए हुए है। कभी आप के राजनीतिक चाणक्य माने
जाने वाले योगेंद्र यादव ने भी पार्टी से निकाले जाने पर कहा कि जब कोई
आपको आपके घर से घसीटकर निकाल दे तो पहले गुस्सा आता है कि कौन लोग हैं ये?
ये क्या कर रहे हैं? फिर दुख होता है कि आप पलटकर देखते हैं। फिर थोड़ी
ममता होती है कि अच्छा चलो, इसके पास घर है। अब ठीक से रहे।
उन्होंने कहा कि स्वराज संवाद के समय सबकी राय से यह तय हुआ था कि हम आप को नहीं छोड़ेंगे क्योंकि यह हमारा घर है।
गौरतलब
है कि आप ने सोमवार को प्रशांत भूषण, योंगेद्र यादव, अजीत झा और प्रोफेसर
आनंद कुमार को पार्टी से निकाल दिया था। आप की अनुशासन समिति के कारण बताओ
नोटिस का यादव, भूषण सहित अन्य दो नेताओं ने जो जवाब दिया था, उसे पार्टी
अनुशासन के खिलाफ माना गया था।
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